मेरा बिलासपुर

बच्चे की मौत पर हंगामा…जांच के बाद होगी कार्रवाई

Cims ffff 001बिलासपुर— रतनपुर प्राथमिक हेल्थ सेंटर में उपचार के दौरान दो माह के बच्चे की मौत होने की खबर के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल के सामने जमके हंगामा किया। बच्चे की मौत की खबर के बाद कांग्रेसियों ने अस्पताल का घेराव कर लापरवाह चिकित्सक नौकरी से हटाने की घंटों मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मालूम हो कि एक महीने पहले उपचार में लापरवाही के आरोप में प्रशासन ने डॉ. झा को रतनपुर से थानांतरिक कर किसी अन्य स्थान पर भेज दिया।

                   जानकारी के अनुसार रतनपुर थाने के डोनासार गांव से पीड़ित के परिजन ईलाज के लिए रतनपुर अस्पताल में बच्चे को दाखिल कराया। डॉ अनिल श्रीवास्तव ने बच्चे का इलाज कर उसे छुट्टी कर दिया। गांव पहुंचने के पहले ही दो माह के बच्चे की मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है कि डॉ.श्रीवास्तव ने उसके बच्चे का इलाज ठीक से नहीं किया। जिसके कारण उसने घर पहुंचने के पहले ही दम तोड़ दिया।

           खबर मिलते ही कांग्रेसी और स्थानीय लोगों ने अस्पताल के सामने डॉ.श्रीवास्तव और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर कांग्रसियों ने प्रशासन से पीड़ित परिजनों के लिए मुआवजा भी मांगा । बाद में पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप पर मामले को शांत कराया गया।

                     बिलासपुर जिला सीएमएचओ डॉ.सूर्य प्रकाश सक्सेना ने सीजी वाल को बताया कि बच्चे को निमोनिया की शिकायत थी। जिसका उपचार अस्पताल में ठीक ठाक चल रहा था। एक दिन पहले मरीज को अस्पताल में लाया गया। पूरा इलाज होने के पहले ही परिजनों ने अस्पताल बिना बताए छोड़ दिया। सक्सेना ने बताया कि डॉ.श्रीवास्तव काफी अनुभवी चिकित्सक हैं। उन्होने बच्चे निमोनिया उपचार में होने वाली सारी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए अपना काम किया है। सुबह इंजेक्शन दिया था। शाम को भी उसे इंजेक्शन दिया जाना था। इस बीच मरीज के परिजन अस्पताल प्रबंधन को बिना बताये अपने घर चले गये।

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               सक्सेना ने बताया कि फिलहाल मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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