मेरा बिलासपुर

बच्चों ने विधायक से कहा..अनजाने में हुई गलती..अब पता चला मां बाप का महत्व..शैलेष ने तोहफे में दिया 5 कम्प्यूटर

बिलासपुर— नगर विधायक बाल सम्प्रेषण गृह पहुंचकर बच्चों से संवाद किया। बच्चों ने भी खुलकर बातचीत की। महिला बाल विकास अधिकारी सुरेश सिंह के साथ बाल संप्रेक्षण गृह का मुआयना भी किया। अधिकारी ने इस दौरान संस्था के उद्देश्य और जरूरतों पर प्रकाश डाला। इस दौरान विधायक शैलेष पाण्डेय ने सभी बच्चों से अच्छे नागरिक और इंसान बनने की बात कही।
 
                      एक दिन पहले नगर विधायक बिलासपुर के बाल सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी सुरेश सिंह के माध्यम से विभाग की गतिविधियों और कामकाज को समझने का प्रयास किया। बाल संप्रेक्षण गृह में रखे गए बच्चों की जानकारी भी ली। साथ ही उन्हें बेहतर इंसान बनाने की बात भी कही। 
 
            निरीक्षण अभियान के दौरान विधायक ने बच्चों से बातचीत की। मौके पर मौजूद बच्चों ने अपनी दिनचर्या की जानकारी दी। कई बच्चों ने अपने किए पर पछतावा भी जाहिर किया। दो एक बच्चों ने बताया कि ना चाहकर भी वह काम हो गया। जिसकी उसने कल्पना नही की थी। हम अपने माता पिता से दूर रहकर उनके महत्व का अहसास हो रहा है। बच्चों ने कहा यहां आने के बाद जीवन और घर के महत्व की जानकारी मिली। हमसे अनजाने में अपराध हुआ है। ऐसी गलती अब अनजाने में भी नहीं होगी।
 
                 बच्चों ने विधायक को बताया कि यहां सब कुछ है लेकिन मां बाप और अपनों की कमी खलती है। अब दुबारा गलती से भी गलती नहीं होगी। हम अच्छा इंसान बनेंगे। अच्छा काम कर माता पिता परिवार और जिले का नाम रोशन करेंगे।
 
                   इस दौरान विधायक ने बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। खानपान यवस्था को लेकर भी सवाल किए। बच्चों ने बारी बारी से विधायक को दिनचर्या की जानकारी दी। एक बच्चे ने बताया कि वह जानते की उससे हत्या क्यों हो गयी। इस बात का उसे बहुत पश्चाताप है। रोज तुलसी के पौधे को पानी देता हूं। भगवान से अच्छा इंसान बबने की प्रार्थना भी करता हूं। इस दौरान ज्यादातर बच्चों ने खेलकूद करने की भी जानकारी दी।
 
            विधायक ने बच्चों से संवाद के बाद अधिकारी से कहा कि बच्चे यहां सुधार के लिए रखे जाते हैं। इन्हें नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। बच्चों की बात सुनकर भावुक विधायक ने सुरेश सिंह को बताया कि सभी को शिक्षा और धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। जीवन का अर्थ समझाया जाए। उन्हें बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरक कथाएं सुनाई जाँएं.।
 
                       शैलेष पाण्डेय ने कहा कि हम चाहते हैं जब यहां बच्चे निले तो उन्हे समाज में बहुत अधिक संघर्ष का सामना नहीं करना पड़े। बच्चों को तकनीकि शिक्षा की जानकारी दी जाए। सभी  बच्चों को आनलाइन शिक्षा से जोड़ा जाए। विधायक ने कहा कि 5 कंप्यूटर देने की घोषणा करता हूं। इससे बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जुडने में आसानी होगी। विधायक ने रामचरित मानस को पढ़ने की भी बात कही। साथ ही धोसंरचना विकास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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