बस्तर में खुलेगी शूटिंग और तीरंदाजी अकादमी

mting_raman♦भिलाई नगर  में बास्केटबॉल और टेनिस अकादमी जल्द शुरू
♦बनेंगे स्टील डिज़ाइन वाले पुल
रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उनके प्रस्ताव पर बस्तर संभाग में शूटिंग और तीरंदाजी अकादमी और भिलाई नगर  में बास्केटबॉल तथा टेनिस अकादमी जल्द शुरू करने तथा तैराकी के खेल को प्रोत्साहित करने के लिए भिलाई नगर में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक स्वीमिंग पुल बनाने का फैसला लिया गया। बैठक में केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय की सचिव डॉ.अरूणा शर्मा सहित प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव विवेक ढांड , भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) के अध्यक्ष पी.के. सिंह और केन्द्र तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

                                             बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार बस्तर में शूटिंग और तीरंदाजी अकादमी की स्थापना राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एन.एम.डी.सी) तथा भिलाई नगर में बास्केटबाल और टेनिस अकादमी की स्थापना भिलाई इस्पात संयंत्र की सहयोग से कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सी.एस.आर.) के तहत की जाएगी।

                                          मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर अंचल में शूटिंग और तीरंदाजी अकादमी खुलने पर वहां के आदिवासी युवाओं को इन दोनों खेलों में आगे आने का अवसर मिलेगा। इसी तरह भिलाई नगर में बॉस्केटबाल और टेनिस अकादमी खुलने पर इन दोनों खेलों में राज्य की नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के खिलाड़ियों को केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों में नौकरी देने के लिए खेल कोटा पुनः शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया।

                                          डॉ. सिंह ने बैठक में एन.एम.डी.सी. के अधिकारियों को बस्तर अंचल में विश्व स्तरीय एथलेटिक ट्रैक बनाने के लिए भी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय के सचिव को बताया कि हाल ही में भारी वर्षा के कारण बस्तर और सरगुजा संभागों के कुछ इलाकों में पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा है, ऐसे क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के स्थान पर स्टील की संरचना वाले पुलों का निर्माण अधिक उपयोगी होगा। इस पर केन्द्रीय इस्पात सचिव ने सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे यह प्रस्ताव केन्द्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।

                                           केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरूणा शर्मा ने बैठक में बताया कि राज्य में भवनों और पुलों के निर्माण में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत कैसे बढ़ाई जाए, इस पर विचार करने के लिए अगले माह राजधानी रायपुर में इस्पात मंत्रालय द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित पूर्वी भारत के राज्यों के वास्तुशिल्पी, सिविल इंजीनियर, बिल्डर्स और सरकारी एजेंसियों को आमंत्रित किया जाएगा। स्टील से भवन और पुल निर्माण में लागत और समय की भी बचत होती है और ये काफी टिकाऊ होते हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय इस्पात सचिव और भारतीय इस्पात प्राधिकरण के अध्यक्ष के साथ दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *