बस्तर-सरगुजा विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष आदिवासी समाज से,अध्यक्ष को मिलेगा कैबिनेट मंत्री का दर्जा

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार आम जनता के हित में तेजी से फैसले ले रही है। हमारी सरकार की यह स्पष्ट मंशा है की निर्णयों पर त्वरित अमल हो और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी सरकार के फैसलों को तत्परता से अमलीजामा पहनाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य संस्कृति की जरूरत पर बल दिया।

मुख्यमंत्री रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ द्वारा आयोजित आदिवासी समाज के विधायकों के सम्मान समारोह एवं वार्षिक आम सभा को सम्बोधित कर रहे थे। आयोजकांे द्वारा मुख्यमंत्री को तीर कमान भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 दिसम्बर 2005 के पहले वन भूमि पर काबिज लोगों को उनका वाजिब हक दिलाया जाएगा। वन अधिकार कानून के सही क्रियान्वयन के लिए इससेे जुड़े अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होने कहा कि आदिवासी कल्याण के लिए राशि के सही उपयोग की निगरानी के लिए बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आदिवासी समाज से होंगे। प्राधिकरण के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद को सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के व्यापक हितों में ध्यान में रखकर टाटा के इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित भूमि वापस करने और निम्न और मध्यम वर्ग को राहत दिलाने के लिए पांच डिसमिल से कम रकबे की खरीदी-बिक्री पर रोक हटा दी है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों की ऋणमाफी, 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि बिजली बिल आधा करने का निर्णय जल्द लिया जाएगा।

इस अवसर पर वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा सहित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के पदाधिकारियों ने भी समारोह को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व सांसद सोहन पोटाई, महिला एवं बाल विकास मंत्री  अनिला भंेडि़या, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास और सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह, विधायक रामपुकार सिंह, अमरजीत भगत, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी, डॉ. प्रीतमराम, शिशुपाल सोरी, चिंतामणि महाराज, बृहस्पत सिंह सहित अनेक विधायक, आदिवासी समाज के पदाधिकारी बी.पी.एस. नेताम, नवल सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आर.एन. धु्रव सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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