बिलासपुर में कोरोना नियंत्रण के उपाय काफ़ी नहीं… किशोर राय ने स्पेशलिस्ट सुविधा और शहर में बेड बढ़ाने दिए सुझाव

बिलासपुर । पूर्व महापौर और जिला भाजपा के उपाध्यक्ष किशोर राय ने शहर के लोगों से कोरोना से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होने दिन ब दिन बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कोरोना महामारी के नियंत्रण के उपायों को नाकाफी बताया है। साथ ही स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के लिए कुछ  सुझाव भी प्रशासन को दिए हैं।

एक बयान में किशोर राय ने कहा है कि इस महामारी काल मे सबके मन मे कुछ सवाल घर कर गए हैं,कब खत्म होगा ये कोरोना..? इस महामारी की कोई  वेक्सीन आएगी भी की नही..?और आएगी तो कब तक आएगी.? ज़िन्दगी की रफ्तार कब पहले की तरह सुचारू रूप से चलेगी..? लेकिन आज की परीस्थियाँ ऐसी है कि हमें अपने जीवन मे कोरोना के साथ जीना होगा, खुद की सावधानी ही इस महामारी से बचाव का एकमात्र साधन है..!

किशोर राय ने आगे कहा कि आज अपने शहर बिलासपुर में संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या,और शहर में उपलब्ध कोविड अस्पतालों “बेड” की अनुपलब्धता, के हालात है । जिससे कोरोना महामारी की भयावहता दिखाई दे जाती है…। बिलासपुर शहर के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। कोरोना महामारी नियंत्रण के वर्तमान उपाय नाकाफी हैं” ।

इस संबंध में किशोर राय ने कुछ सुझाव प्रशासन के सामने रखे हैं। जैसे प्राइवेट अस्पताल में मेडिकल स्पेशलिस्ट, पल्मनोलॉजिस्ट, जरूरत पड़ने पर चाइल्ड स्पेशलिस्ट, इंटेंसिविस्ट, आवश्यक रूप से उपस्थित होना चाहिए। सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन की मशीन की सुविधा आवश्यक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। अपोलो अस्पताल में बिस्तरों की संख्या आवश्यक रूप से बढ़ाए जाने की आवश्यकता है । अगर संभव ना हो तो किसी दूसरे अस्पताल से अपोलो अस्पताल की सहायता ली जा  सकती है। अभी सबसे आवश्यक जनता की जान बचाना है, इसलिए सभी कोविड अस्पतालों से यह उम्मीद की जाती है की शहर में कार्यरत मेडिकल स्पेशलिस्ट और श्वास रोग विशेषज्ञ की सेवाएं अपने अस्पताल में लें।

उन्होने यह सुझ़ाव भी दिया कि ऑक्सीजन और रेस्पिरेट्री सपोर्ट की सारी सुविधाएं सरकार के सहयोग से उचित दर पर सभी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध कराई जानी चाहिए।वर्तमान कोविड-टेस्टिंग बहुत कम है । इसे बढ़ाया जाना चाहिए, ।इसके लिए स्वास्थ्य मितानिन और मोहल्ला समितियों की मदद ली जा सकती है।गंभीर मरीजों के लिए हॉस्पिटल चिन्हित होने चाहिए । ताकि गंभीर मरीज के परिजन को मालूम रहे कि उसे मरीज को लेकर कहाँ जाना है।

उन्होने कहा कि इन सुझाओं के पीछे मेरी मूलभूत भावना यही है कि स्तरीय चिकित्सा की उचित व्यवस्था हो,और इसमें स्थानीय संसाधन,और चिकित्सकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो सके..!

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