बीयू रजिस्ट्रार पर 10 करोड़ की मानहानि…डीएलएस चेयरमैन ने भेजा नोटिस…

BUNewbasant_sharma_index_file_marchबिलासपुर—डीएलएस महाविद्यालय चेयरमेैन ने बिलासपुर विश्वविद्याय कुलसचिव को मानहानि का नोटिस भेजा है। डॉ. इंदु अनंत ने नोटिस पर अनभिज्ञता जाहिर की है। जानकारी के अनुसार बसंत शर्मा का बयान कोर्ट में दर्ज कर लिया गया है। शर्मा ने कुलसचिव इन्दू अनंत पर छवि को धूमिल करने के अलावा महाविद्यालय के मान सम्मान को धक्का पहुंचाने का आरोप लगाया है।कोर्ट से इन्दू अनंत के नाम नोटिस भेजते हुए दस करोड़ रूपए का दावा ठोका है।

                     डीएलएस महाविद्यालय चेयरमैन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बसंत शर्मा ने बिलासपुर विश्वविद्यालय डॉ. इंदू अनंत पर दस करोड़ का दावा किया है। बसंत शर्मा ने कोर्ट से नोटिस बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भेजा है। संबधित विभागों को भी पत्र भेजा है। महाविद्यालय चेयरमैन बसंत शर्मा का बयान हेमन्त रात्रे की कोर्ट में दर्ज किया गया है। महाविद्यालय के कम्प्यूटर विभाग प्राध्यापक रमेश लाल और कामर्स प्राध्यापक एम.एस परिहार की गवाही को भी दर्ज किया गया है।

                               डीएलएस महाविद्यालय चेयरमैन ने बताया कि इंदू अनंत के मीडिया में दिए गए बयान से उनकी छवि और महाविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंची है। विश्वविद्यालय कुलसचिव ने नैक टीम को गुमराह किया। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। प्रदेश में डीएलएस महाविद्यालय की प्रतिष्ठा है। महाविद्यालय ने नैक टीम को ग्रेडेशन के लिए बुलाया। कुलसचिव ने नैक टीम को गुमराह किया है। इसके चलते महाविद्यालय के मान सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

           मालूम हो कि महाविद्यालय के बुलावे पर नैक की टीम दो दिवसीय दौरे पर बिलासपुर पहुंची थी। एक और दो जून को नैक की टीम ने डीएलएस महाविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद नैक टीम हॉटल चली गयी । देर रात टीम के सदस्यों ने बिलासपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव इंदु अनंत को बताया कि महाविद्यालय स्टाफ ने टीम के साथ दुर्व्यव्यवहार किया है।

                     कुलसचिव इंदू अनंत ने  मीडिया को बयान दिया कि नैक टीम के साथ हॉटल मेरियाट में महाविद्यालय स्टाफ ने दुर्व्यव्यवहार किया है। कुलसचिव ने कहा था कि नैक टीम की शिकायत को ऊपर तक पहुंचाया जाएगा।

मान सम्मान को ठेस और झूठा आरोप

                     डीएलएस चेयरमैन ने बताया कि नैक टीम के साथ दुर्व्यवहार नही किया गया । हां कुछ मामलों के लेकर मतभेद थे। जैसा की होता रहा है। हमने नैक टीम को बुलाया और हम ही उनके साथ अभद्र व्यवहार कैसे कर सकते हैं। टीम के सदस्यों की प्रतिष्ठा के अनुसार सम्मान दिया गया। बिलासपुर विश्वविद्यालय की कुलसचिव पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाते बसंत शर्मा ने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को झूठे मामलों से बचना चाहिए। कुलसचिव के बयान से छात्रों के मानसिकता पर गलत प्रभाव पड़ा है। महाविद्यालय के साथ मेरी व्यक्तिगत छवि को चोट पहुंची है।

10 करोड़ की मानहानि

                 बसंत शर्मा ने बताया कि वकीलों से परामर्श के बाद बिलासपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव पर दस करोड़ की मानहानि का दावा किया है। न्यायधीश हेमन्त रात्रे की कोर्ट में बयान दर्ज किया गया है। दोनों गवाहों का भी बयान दर्ज हुआ है। बिलासपुर विश्वविद्यालय कुल सचिव को नोटिस भेज दिया गया है। 12 घंटे के अन्दर यदि इंदू अनंत गलती स्वीकार नहीं करती हैं तो उन्हें 10 करोड़ का भुगतान करना होगा।

नहीं मिली नोटिस

            बिलासपुर विश्वविद्यालय की कुलसचिव इंदू अनंत ने बताया कि बसंत शर्मा की कोर्ट से जारी नोटिस नहीं मिली है। नोटिस मिलने के बाद जवाब दिया जाएगा। मामला क्या है….। उन्हें इसकी भी जानकारी नहीं है।

मामले पर नज़र

                   कुलपति प्रो.गौरी दत्त शर्मा ने बताया कि नैक के सवाल कहा कि जब नैक की टीम आई थी मैं छुट्टी पर था। वापस आने के बाद मामले को समझा और कार्रवाई भी हो रही है। कुलपति ने बताया कि फिलहाल मुझे नोटिस की जानकारी नहीं है। मानहानि के बारे में तो बिलकुल ही पता नहीं है।

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