बृजमोहन 15 साल की बताएं..फिर मांगे हिसाब.. कैबिनेट मंत्री ने क्यों कहा..जिसे जनता ने नकारा.. उसे क्यों दे जवाब..

बिलासपुर— बृजमोहन अग्रवाल पहले पन्द्रह साल का हिसाब दें। फिर हिसाब मांगे। उनकी सरकार ने पन्द्रह साल में प्रदेश का बंटाधार कर दिया है। यह बातें कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अपेक्स बैंक चेयरमैन बैजनाथ चन्द्राकर ने कही। चन्द्राकर ने बताया कि भूपेश सरकार ने गांव गरीब और किसानों को हमेशा केन्द्र में रखा है। जबकि इनकी हालत सुधरेगी । तब ही प्रदेश का चहुंओर विकास होगा।

उर्वरक का बम्पर जमाव

                 अपेक्स बैंक चेय़रमैन चन्द्राकर ने आज पत्रकारोे से बातचीत किया। उन्होने बताया कि चालू वित्त वर्ष में खरीफ फसल के लिए सरकार ने 53 करोड़ रूपए का लक्ष्य रखा है। योजना से अभी तक साढ़े चार लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं। प्रदेश के पास 7 लाख 25 हजार मिट्रिक टन का उर्वरक भण्डारण है। 1 लाख 94 हजार मिट्रिक टन से अधिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। किसानों के अभी तक 2 लाख 51 हजार मिट्रिक टन से अधिक वर्मी कम्पोस्ट का वितरण किया गया है। अभी करीब दो मिट्रिक टन का वितरण किया जाना है।

5261 करोड़ माफ

          चन्द्राकर ने बताया कि 13 लाख से अधिक किसानों का सरकार ने 5261 करोड़ रूपए का  ऋण माफ किया है। सरकार ने एलान किया है कि जुलाई से नवम्बर तक गरीबों के बीच चावल का निशुल्क वितरण किया जाएगा। इससे करीब 68 हजार राशन कार्डधारियों के फायदा होगा। सरकार ने धान समर्थन मूल्य की अन्तर राशि  का राजीव गाधी किसान न्याय योजना के तहत विरतरण किया है। 

किसानों के साथ नहीं होगा अन्याय

              एक सवाल के जवाब में बैजनाथ ने बताया कि किसान बीमा योजना में सुधार की जरूरत है। उन्होने बताया कि क्षेत्र विशेष का सर्वे करने के बाद क्षति पूर्ति बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। यह तर्कसंगत नहीं है। सरकार ने इसमें सुधार का फैसला किया है। सुधार के बाद किसानों को न्यायोचित फसल नुकसान का हर्जाना मिलेगा। 

                   बीमा राशि अब तक सेविंग खाता में जमा किया जाता था। अब लोन खाता में राशि जमा हो रही है। क्या बैंक बताने की कोशिश कर रहा है कि लोन की रिकवरी हो रही है। इससे किसानों की परेशानी भी बढ़ गयी है। चन्द्राकर ने बताया कि किसानों को लोन का भुगतान करना ही होगा। फर्क नहीं पड़ता कि राशि कहां जमा हो रही है। फिर भी हम पता लगाएंगे कि ऐसा क्यों किया जा रहा है।

सुधार की जरूरत

                        बीमा प्रति एकड़ के हिसाब से किया जाता है। क्षति पूर्ति का भुगतान समग्र जमीन के आधार पर होता है। इससे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता है। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होते हैं। चन्द्रकार ने बताया कि आरआई स्तर पर क्षति पूर्ति फसल का मूल्यांकन का प्रावधान है। इसमें बहुत खामिया हैं। सरकार विचार कर रही है कि मूल्यांकन का दायरा मजरा टोल स्तर पर हो। किसानों को नुकसान का ज्यादा से ज्यादा मुआवजे मिले।

कौन होते हैं बृजमोहन

                            बृजमोहन ने कांग्रेस सरकार से ढाई साल का हिसाब मांगा है। आप क्यों नहीं दे रहे है। उन्होने आरोप लगाया है कि गंगाजल की कसम उठाने के बाद सरकार बनते ही कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ छल किया है।

              सवाल के जवाब में बैजनाथ चन्द्राकार ने बताया कि बृजमोहन को पता होना चाहिए कि जनता ने भाजपा सरकार को सत्ता से उतार फेंका है। यदि पन्द्रह साल अच्छा काम करते तो यह दिन उन्हें नहीं देखना पड़ता है। उन्हें ढाई साल का हिसाब मांगने का कोई अधिकार नहीं है। हमें जनता को जवाब देना है। वह हम अच्छी तरह से जानते हैं। 

                  हमने जनघोषणा पत्र में 36 वादा किया है। कमोबेश सारे वायदे पूरे भी हो चुके है। सरकार बनने के चन्द घण्टों के अन्दर हमने किसानों का ना केवल ऋण माफ किया। बल्कि बिजली बिल भी हाफ कर दिया। धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया है। अभी तो ढाई साल ही हुई हैं। देखते रहिए आने वाले समय में शराबबन्दी को लेकर उचित फैसला सामने आ जाएगा। बृजमोहन को घबराने की जरूरत नहीं है। 

            अपेक्स बैंक चेयरमैन ने कहा कि बिलासपुर के अरपा को टेम्स बनाने वालों ने जनता कोबहुत ठगा है। दो साल इन्तजार करें..अरपा में हमेशा पानी रहेगा।    

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