बृजेश ने कहा…क्या निकालेंगे पार्टी से.. मैने दिया इस्तीफा…प्रवक्ता ने बताया विरोधी गतिविधियों में थे शामिल

बिलासपुर— जनता कांग्रेस जोगी पार्टी से बिलासपुर विधानसभा प्रत्याशी बृजेश साहू को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार पार्टी से निष्कासन के साथ ही बृजेश साहू अब पार्टी में पिछड़ा साहू समाज के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है। पार्टी कार्यालय के सूचना के अनुसार बृजेश साहू पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। लगातार समझना के बाद भी हरकतों से बाज नहीं आए। पार्टी प्रमुख के निर्देश पर बृजेश साहू की दल की प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित कर दिया गया है।

           जानकारी हो कि बृजेश साहू जोगी कांग्रेस से बिलासपुर विधानसभा से प्रत्याशी थे। चुनाव में कांग्रेस के हाथों बृजेश को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस बीच समीक्षा को लेकर खींचतान शुरू हुई। एक दिन पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से बाहर कर दिया गया है। पार्टी निष्कासन की खबर से बृजेश समर्थकों में नाराजगी है।

                   इधर बृजेश साहू ने बताया कि जोगी कांग्रेस में लोकतंत्र जैसा कुछ नहीं है। यदि होता तो मुझे बेवजह निष्कासित नहीं किया जाता। निष्कासन की कोई बात ही नहीं है। क्योंकि मैने दो दिन पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल मुझे ना तो शोकाज नोटिस मिला है। ना ही पार्टी निष्कासन से सम्बधित लिखित या अलिखित जानकारी ही मिली है।

बृजेश साहू ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की तरफ से मुझे किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। किसी बड़े नेता ने मेरे समर्थन में बिलासपुर में किसी सभा को संबोधित नहीं किया। अजीत जोगी हो या अमित जोगी..दोनों नेताओं ने मेरे समर्थन में बिलासपुर वासियों से वोट भी नहीं मांगा। साहू ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचा-प्रसार में सहयोग भी नहीं किया। इसलिए मैने दो दिन पहले ही पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। निष्कासन का सवाल ही नहीं उठता है।

साहू ने यह भी बताया कि चुनाव के बाद कई बार अमित और अजीत जोगी हार की समीक्षा बैठक लेने को कहा। लेकिन उन्होने  ना हां कहा और ना भी नहीं कहा। बार बार कहने के बाद भी मुझे और मेरी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उपेक्षा होने पर पार्टी से इस्तीफा दिया हूं।

प्रदेश जोगी कांग्रेस प्रवक्ता मणिशंकर पाण्डेय ने बताया कि बृजेश साहू ही नहीं बल्कि पार्टी के कई तथाकथित बड़े नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। अब्दुल हयात भी इनमें से एक हैं। पार्टी ने बृजेश साहू को पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाया। पुख्ता जानकारी के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया है। पार्टी के खिलाफ विरोधी गतिविधियों को बर्दास्त करने का सवाल ही नहीं उठता है।

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