बैंकरों ने की खुद की समीक्षा..कार्यशेैली को लेकर किया विमर्श…पढ़ें 2 दिवसीय मंथन के बाद क्या आया परिणाम

बिलासपुर—वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर पंजाब नैशनल बैंक ने मंडल स्तर पर शाखाओं के कार्यनिष्पादन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। मंडल कार्यालय बिलासपुर में आयोजित 17 और 18 अगस्त को दो दिवसीय कार्यशाला में बैंकिंग कार्य निष्पादन की अनुकूलता को लेकर समीक्षा हुई। पहली बार परिपाटी से हटकर आयोजित कार्यशाला में शाखाओं ने स्वयं के प्रदर्शन की समीक्षा करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वृद्धि के तरीकों और साधनों को लेकर बातचीत की।
                             डिजीटल बैंकिंग का उपयोग बढ़ाने, वरिष्ठ नागरिकों, किसानों, छोटे उद्योगपतियों, उद्यमियों, युवाओं, छात्रों, समाज के कमज़ोर और पिछड़े वर्गों के साथ महिलाओं की जरूरतों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र में भावी रणनीति को लेकर  सुझाव भी दिए गए।
                 मंडल प्रमुख के एल कुकरेजा ने शाखा प्रमुखों से जरूरी दिशा निर्देश दिया। उन्होने कहा कि एमएसएमई  उद्योग, कृषि क्षेत्र , आवास और  शिक्षा ऋण, वित्तिय समावेशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण  समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर प्रभावकारी कदम उठाने की जरूरत है। खासकर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति अनुकूल और प्रभावकारी कार्यशैली को अपनाए जाने की जरूरत है।
               बैठक में लिये गए सभी सुझावों को समायोजित कर राज्य स्तरीय एसएलबीसी को आगामी चर्चा के लिए बेभा गया। मंथन कार्यशाला में उपमंडल प्रमुख वी के गुप्ता, मुख्य प्रबंधक कैलाश झा, मनोज कुमार, रितेश पटेल, वेंकट रमण, ललित अग्रवाल, अखिलेश जैन, प्रभु दास बारा, प्रीतम सलूजा, पीटर करकेंटा, हरनीत सलूजा,अरविंदो कुंडा, बी के गुप्ता, एन डी लहरे, पिंटू कुमार, जनक राज, रमेश कुमार समेत बड़ी संख्या में शाखा प्रमुख मौजूद थे।

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