बैंक लोन धोखाधड़ीः कोर्ट में पेश हुआ चैतूराम..न्यायालय से 15 दिनों की ज्यूडिशियल रिमांड

IMG20170814180913बिलासपुर—बैंक लोन धोखाधडी मामले में पुलिस ने भिलाई से चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जिला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस की मांग पर कोर्ट ने आरोपी को पन्द्रह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

                             पंजाब नेशनल और देना बैंक प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने लोन धोखाधड़ी मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। चौथा आरोपी चैतूराम की गिरफ्तारी भिलाई से हुई है। चैतूराम तथाकथित फास्टर आटोमोबाइल्स का कर्मचारी बताया जा रहा है। मालूम हो कि कुछ दिन पहले बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में तीन लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। मास्टर माइंड आशीष शुक्ला अभी भी फरार है।

                                   14 अगस्त को बिलासपुर पुलिस ने खुलासा किया था कि पीएनबी और देना बैंक मैनेजर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजोंं करोड़ों का लोन लेने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा गया। तीनो आरोपियों ने फर्जी आईडी से जेसीबी खरीदने के लिए करोड़ों रूपए का लोन लिया। आरोपियों का नाम आलोक कानून गो ऊर्फ आदित्य जैन, विजय शुक्ला ऊर्फ रितेश शाह पिता स्वर्गीय गोविंद प्रसाद शुक्ला और रामअवतार शर्मा ऊर्फ जितेश शाह पिता जयराम शर्मा है। तीनों रायपुर के रहने वाले हैं।

                       तीनों ने देना और पीएनबी से कुल 6 जेसीबी के लिए फर्जी संस्थान लक्ष्मी अर्थ मुवर्स और फास्टर आटोमोबाइल्स के नाम लोन लिया। पुलिस के अनुसार गिरोह ने प्रदेश के कुल 20 बैंको से लोन लिये है। बैंक प्रबंधन को पचास करोड़ से अधिक का चूना लगाया है।

  चैतुराम भी फर्जीवाड़े में शामिल

               पुलिस जानकारी के अनुसार चौथा आरोपी चैतूराम की गिरफ्तारी भिलाई से हुई है। चैतूराम फास्टर आटोमोबाइल्स में तथाकथित कर्मचारी है। आदित्य और अन्य दो आरोपी चैतूराम के खाते में लोन की रकम जमा करते थे। चैतूराम रूपयों को आरोपियों तक पहुंचाता था। कुछ हिस्सा उसे भी मिल जाता था।

                 बहरहाल कोर्ट ने पुलिस की मांग पर आरोपियों को आज 15 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड भी दिया है।

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