बोदरी नपं अध्यक्ष ने कहा..नहीं खुलने देंगे शराब दुकान

IMG20170227130153बिलासपुर— शराबबंदी की मांग लगातार तेज होती जा रही है। दूर दराज क्षेत्र की महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शराब दुकान खोलने का विरोध किया है। बोदरी नगर पंचायत अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ प्रस्तावित शराब दुकान को नहीं खोले जाने की चेतावनी दी है।

               बोदरी नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू दिवाकर दुबे और ब्लाक कांग्रेस नेता दिवाकर दुबे ने कहा कि घनी बस्ती के बीच सरकारी दुकान नहीं खुलने दिया जाएगा। करीब 150 से अधिक महिलाओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अंजू और दिवाकर दुबे ने प्रस्तावित शराब दुकान का विरोध किया। उन्होने प्रस्तावित दुकान को कहीं दूसरी जगह खोलने को कहा है।

                     एडिश्नल कलेक्टर को अंजू और दिवाकर दुबे ने बताया कि बोदरी नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 3 में सरकार ने सरकारी शराब दुकान खोलने का फैसला किया है। दुकान निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। वार्ड क्रमांक तीन बोदरी की घनी आबादी वाला क्षेत्र है। वार्ड क्रमांक तीन के सामने वार्ड सात का क्षेत्र आता है। वार्ड क्रमांक सात भी घनी जनसंख्या वाला क्षेत्र है। शराब दुकान खुलने से आम जनता को भारी परेशानी होगी।

                      के.डी.कुंजाम से अंजू दिवाकर दुबे ने बताया कि यहां महिलाओं का हमेशा आना जाना होता है। शराब पीने के बाद लोग अनाप शनाप हरकतें करते हैं। इसी रास्ते से बच्चियों स्कूल जाती हैं। इसलिए क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान ना खोला जाए। दिवाकर ने बताया कि यदि मांग के खिलाफ सरकारी दुकान खोला जाता है तो क्षेत्र की जनता एक दिन भी शराब दुकान नहीं खुलने देगी।

                 कुंजाम से दिवाकर ने बताया कि क्षेत्र की महिलाएं नहीं चाहती है कि वार्ड में शराब दुकान खोला जाए । बावजूद इसके यदि शराब दुकान खोला जाता है इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। दुबे ने बताया कि बोदरी में बहुत जगह है सरकार खाली जगह की तलाश करे। आबादी वाले क्षेत्र में शराब दुकान नहीं खुलने दिया जाएगा। खासतौर पर जहां महिलाओं और बच्चियों का आना जाना होता है।

नियम और हितों की अनदेखी

                   बिल्हा ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष दिवाकर दुबे ने पत्रकारों को बताया कि सरकार ने एलान किया है कि सडक़ मार्ग,स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केन्द्रों के आसपास शराब दुकान नहीं खोला जाएगा। बावजूद इसके निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शराब को प्राथमिकता में लेकर स्कूलों  को बंद किया जा रहा है। दिवाकर ने कहा कि इससे तो अच्छा है कि शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाए। जिस प्रदेश में शराब दुकानों को स्कूलो पर प्राथमिकता दी जाए तो ऐसे प्रदेश का मालिक भगवान ही है।

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