मेरा बिलासपुर

बोरा ने दयालबंद स्कूल को लिया गोद

sambhagayukat shri bora dwara nirikchad dayalband school ka  (2)

बिलासपुर। शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत् संभागायुक्त सोनमणि बोरा ने आज दयालबंद के दो स्कूल में करीब ढाई घण्टे बिताया। इस दौरान उन्हांेने स्कूल की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाना है। इसके लिए सब मिलकर प्रयास करें।

sambhagayukat shri bora dwara nirikchad dayalband school ka  (4)

संभागायुक्त बोरा ने दयालबंद के शासकीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल शिक्षकांे से कहा कि सृजनशीलता एवं क्रियाशीलता बढ़ाएं। सबसे पहले वे उस कमरे में गए जहां कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चे बैठे थे। उन्होंने दर्ज संख्या के आधार पर बच्चों की उपस्थिति को लेकर असंतोष व्यक्त किया। बोरा ने ब्लैक बोर्ड को ठीक कराने के साथ ही क्लास रूम को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के अभ्यास पुस्तिका का अवलोकन करने के साथ उनसे रूबरू चर्चा की। क्लास टीचर से उन्होंने कहा कि बच्चे यदि एक भी उत्तर न बताएं, तो आपने ने ठीक से अभ्यास नहीं कराया है। उन्होंने ईमानदारी के साथ रूचिकर शिक्षा देने के लिए विशेष जोर दिया। बोरा ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आगामी एक माह के अंदर स्कूली बच्चों में सुधार नहीं होने पर कार्यवाही होगी। उन्होंने पूर्व माध्यमिक शाला एवं मध्यान्ह भोजन का भी निरीक्षण किया। अंत में बोरा ने उक्त दोनों शालाओं के शिक्षकों, मौके पर उपस्थित अभिभावकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर शिक्षा का एक बेहतर वातावरण निर्मित करने के लिए विशेष जोर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि टीम बनाकर स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के घर-घर संपर्क कर उनके पालकों से चर्चा करें कि वे स्कूल क्यों नहीं आ रहे हैं। लगातार बच्चों के अभिभावकों के संपर्क में रहें। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सृजन एवं क्रियाशीलता को बढ़ाएं, ताकि शिक्षा में गुणात्मक सुधार हो सके। उन्होंने शिक्षकों को पढ़ाने के पहले तैयारी के साथ आने के सुझाव दिए। चर्चा के दौरान बोरा ने स्कूल में जतन क्लब बनाने के निर्देश दिए। जिसमें स्कूल की विभिन्न गतिविधि, लायब्रेरी, पर्यावरण, शैक्षणिक भ्रमण, स्वच्छता को शामिल करें। बोरा ने स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ ही रंग-रोगन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह के अंदर स्कूल को व्यवस्थित करने के साथ ही बच्चों में शिक्षा के प्रति रूचि जागृत करना है। इसमें पढ़ने एवं पढ़ाने वालों की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री बोरा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें रूचि लेने के लिए विशेष जोर दिया। स्कूल की लाईट पानी एवं शौचालय को भी व्यवस्थित किया जायेगा। चर्चा के दौरान शिक्षा गुणवत्ता अभियान के दूसरे चरण के 100 बिन्दुओं को भी पढ़कर सुनाया गया। इसी के आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी, स्थानीय पार्षद, स्कूली बच्चों के अभिभावकगण, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

Back to top button
CLOSE ADS
CLOSE ADS