भगोड़ा ठग बिल्डर हरदीप पर ईनाम 10 हजार…पुलिस ने जारी किया वान्टेड फरमान..साथियों लोगों को लगाया करोड़ों का चूना

बिलासपुर—आटो चालक से ठग बिल्डर बनकर पार्टनरों के साथ धोखाधड़ी करने वाले वाले हरदीप खनूजा पर पुलिस दस हजार ईनाम का एलान किया है। फर्जी दस्तावेज के सहारे साथियों की करोड़ों की जमीन को बेचने वाले हरदीप खनूजा उर्फ राजू को पुलिस प्रशासन ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। पुलिस कप्तान आरिफ शेख ने फरार ठग बिल्डर हरदीप सिंह खनूजा के खिलाफ आदेश जारी कर गिरफ्तार करवाने या पता बताने वाले को दस हजार रूपए नगद देने का एलान किया है।
                             मालूम हो कि देशभक्ति का चोला पहनकर हरदीप खनूजा ने अब तक कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।खनूजा के खिलाफ तखतपुर थाना में विभिन्न संगीन धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। 16 अगस्त 2015 से अपराध दर्ज होने के बाद हरदीप खनूजा फरार है। जिसकी तलाश पुलिस गंभीरता से कर रही है। थाने में खनूजा के खिलाफ बिजनेस साथी सुनील छावड़ा, रवि मोटवानी,अजय गुरूनानी की शिकायत पर धारा 420,467,468 समेत अन्य कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज है।
ईनाम दस हजार
               पिछले बीस दिनों से पुलिस हरदीप खनुजा को तलाश रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने ठग बिल्डर हरदीप खनूजा उर्फ राजू को भगोड़ा  घोषित कर दिया है। पुलिस कप्तान ने एलान किया है कि हरदीप खनूजा का पता ठिकाने बताने वाले या पकड़वाने वाले को पुलिस प्रशासन की तरफ से 10 हजार रूपए बतौर ईनाम दिया जाएगा।
                मालूम हो कि आटो चालक से बिल्डर बना हरदीप खनूजा ऊर्फ राजू के खिलाफ तखतपुर थाना में फर्जी तरीके से पार्टनर की जमीन बेचने और धोखाधड़ी के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। हरदीप पर आरोप है कि उसने तीन अन्य पार्टनर को अंधेरे में रखकर तखतपुर ब्लाक स्थित अरई बंध की 35 एकड़ जमीन को पांच करोड़ 16 लाख में फर्जी दस्तावेजों के सहारे अधिराज बिल्डर से सौदा कर लिया। हरदीप ने सौदा के बाद बतौर बयाना अधिराज बिल्डर से 1 करोड़ 6 लाख रूपए लिया।
दबाव के बाद खुला राज
                    मामला उस समय सामने आया जब अधिराज बिल्डर ने सुनील छावड़ा को रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया। सुनील छावाड़ा ने स्पष्ट किया कि जमीन में हरदीप खनूजा की किसी प्रकार की आर्थिक हिस्सेदारी नहीं है। वह जमीन डेवलपमेन्ट को लेकर मात्र 10 प्रतिशत का हिस्सेदार है। अधिराज बिल्डर को सुनील ने बताया कि तीन अन्य संचालकों में से केवल दो लोगों को ही यानि उन्हें और रवि मोटवानी को ही जमीन खरीदने बेचने का अधिकार है। जानकारी मिलने के बाद सुनील छावड़ा और अन्य दो पार्टनरों ने हरदीप खनूजा के खिलाफ तखतपुर थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया। इसके बाद समय समय पर पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों से संपर्क कर हरदीप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जांच मेंं हुआ खुलासा
                इस बीच अधिराज बिल्डर ने जब हरदीप खनूजा पर दबाव बनाया तो हरदीप ने सुनील छावड़ा और अन्य पार्टनरों के फर्जी हस्ताक्षर से बिक्रीनामा तैयार किया। मामले में सुनील छावड़ा की शिकायत पर पुलिस प्रशासन सभी दस्तावेजों की सत्यता जांच करने पीएचक्यू को भेजा। पीएचक्यू ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बिक्रीनामा के सभी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किये गये हैं।
                    सच्चाई सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख ने हरदीप खनूजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करवाया। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पिछले 20 दिनों से हरदीप खनूजा फरार है। जिला सत्रन्यायालय ने भी खनूजा को जमानत देने से इंकार कर दिया।
               पिछले 20 दिनों से हरदीप खनूजा का अता पता नहीं मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान पुलिस रेगुलेशन एक्ट 80-ए के तहत फरार  हरदीप खनूजा को पकड़वाने या पकडने वाले को ईनाम 10 हजार देने का एलान किया।
देश भक्ति की नौटंकी
                   बताते चलें हरदीप खनूजा विभिन्न थानों में हिस्ट्रीशीटर है। बिल्डर की दुनिया में आने के बाद उसने देशभक्ति और शहीदों के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ जमकर खिलवाड़ किया। लोग खनूजा की देशभक्ति से प्रभावित होकर जमीनों में पैसा लगाया। लेकिन आज तक किसी को भी ना जमीन मिली और ना ही रूपए वापस हुए। जानकारी हो कि खनूजा ने पिछले कई सालों से शहीदों के नाम पर कार्यक्रम का आयोजन कराते हुए लोगों की जज्बातों का दोहन किया।  सैनिक पुलिस और देशप्रेमियों को भारी छूट के साथ आशियाना बनाकार देने का झांसा देकर जमकर जेब भरा। आज भी झांसे में आने वाले लोग खून के आंसू रो रहे हैं।
              फिलहाल पुलिस प्रशासन ने हरीदप को भगोड़ा घोषित कर दिया है। हरदीप पर दस हजार रूपए नगद का ईनाम रखा है। देखने वाली बात होगी कि ईनाम अब किसका होता है।

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