भाजपा पर कांग्रेस का पलटवार…शीशे के घर में रहने वाले पत्थर नहीं मारते…निर्वाचन कार्यालय कोे देंगे कुण्डली

बिलासपुर– भाजपा के प्रदर्शन और जिला प्रशासन से पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव पर कार्रवाई की मांग के बाद कांग्रेसियों ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि तीन चुनाव तो मतदाता सूची के बल पर ही जीता गया है। लेकिन चौथी बार दाल नहीं गलने वाली है। क्योंकि इस बार भाजपा के खिलाफ कांग्रेस और शहर की जनता ने सही बटन दबाया है।

             मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओें मनीष अग्रवाल,दुर्गा सोनी विजय प्रवीण और रामदेव की अगुवाई में जिला प्रशासन से पीसीसी महामंत्री पर कार्रवाई की मांग् की है। लिखित शिकायत कर भाजपा नेताओं ने बताया कि पीसीसी महामंत्री ने 14 हजार बेकसूर मतदाताओं का नाम कटवाया है। ऐसा करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। जबकि सभी मतदाता जीवित और अपने घर में हैं। भाजपा की मांग पर जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।

             भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस नोट जारी कर पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि  सच है कि अटल श्रीवास्तव समेत अन्य कांग्रेसी साथियों ने आवेदन किया है। लेकिन आरोप में किसी प्रकार की सच्चाई नहीं है कि उन्होने ऐसा नाम कटवाने के लिए किया है। अटल ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मातादाता सूची का शुद्धिकरण किया जाए। भाग -अनुभाग में दर्ज मतदाताओं का नाम सही पते पर दर्ज हों।

          अभय नारायण,विजय केशरवानी,नरेन्द्र बोलर,नजरूद्दीन और शैलेन्द्र ने बताया कि कांग्रेस मतदाता सूची में शुचिता को बनाए रखना चाहती है। इसलिए एकीकरण के लिए आनलाइन आवेदन दिया गया। लेकिन ऐसा करने से भारतीय जनता पार्टी की पोल खुल गयी। निर्वाचन आयोग ने बिलासपुर समेत प्रदेश और देश की मतदाता सूची का शुद्दिकरण का बीड़ा उठाया है। जिसके चलते भाजपा नेताओं की बेचैनी बढ़ गयी है। जबकि भाजपा नेता नाम कटवाने और जुड़वाने में पहले से माहिर हैं।

           कांग्रेस नेताओं ने बताया कि करीब छःमहीना पहले लगभग तीस हजार मतदाताओं का नाम हटाने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने बिलासपुर राजनैतिक दलों की जानकारी दी। जानकर आश्चर्य हुआ कि इतने लोगों का मतदाता सूची से नाम काटना संभव नहीं है। सच्चाई तो यह है कि भाजपा नेता सुनियोजित तरीके से मतदाताओं का नाम कटवा रहे हैं।

                       प्रेस नोट में बताया गया है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर,पार्षद तैय्यब हुसैन ने दावा आपत्ति पेश तो किया। लेकिन भाजपा के दबाव में आपत्तियों को खारिज कर दिया गया। तीस हजार नाम काट कर मतदाता सूची जारी कर दी गयी।

         कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों के घर पर पत्थर नहीं मारना चाहिए। फिलहाल जिन तीस हजार मतदाताओं का नाम काटा गया है उस सूची पर काम किया जा रहा है।

                 कांग्रेस नेताओं के अनुसार जहां तक जन प्रतिनिधित्व नियम और अटल श्रीवास्तव पर मामला दर्ज किए जाने की बात है। बताना जरूरी हो जाता है कि मामला दो के बीच है। इसमें भाजपा के मंत्री समर्थक क्यों कूद रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि प्रत्येक बूथ में भाजपा कार्यकर्ताओं पर कानून लागू किया जाए जिन्होने फर्जी पंचनामा बनाकर नाम कटवाने में भूमिका निभाई है।

                    कांग्रेस नेताओं ने अनुसार वार्ड परिक्रमा के दौरान मंत्री ने कहा है कि यदि नाम जोड़ना है तो बंगले में जाकर सूची जमा करें। प्रश्न उठता है कि क्या यह निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करने वाली बात नहीं है।

 प्रेस नोट में बताा गया है कि पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव,प्रदेश सचिव महेश दुबे,नरेन्द्र बोलर,तैय्यब हूसैन,अभय नारायम राय ने बताया कि मतदाता सूची की शुचिता को लेकर जल्द ही जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर भाजपा की कुण्डली देंगे।

   इधर युवा कांग्रेस नेताओं ने एलान किया है कि भाजपा नेताओं ने झुण्ड में शिकायत कर शासन के आदेश को तोड़ा है। यदि धारा 144 के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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