मंच पर कुर्सी नहीं मिली तो बम हुआ कार्यकर्ता…बनाया महिला सीईओ को निशाना…मुस्कुराते रहे जनप्रतिनिधि

बिलासपुर—लोकसुराज अभियान समाधान शिविर में जनप्रतिनिधियों के विरोध करने का मामला लगातार सामने आ रहा है। ताजा मामला मस्तूरी जनपद पंचायत स्थित जयरामनगर समाधान शिविर में देखने को मिला है। शिविर में कुर्सी को लेकर जमकर अश्लील गाली गलौच और अफरा तफरी की स्थिति देखने को मिली है। मंच पर बैठने को आतुर सत्ता पक्ष के कुछ जनप्रतिनिधियों ने कम कुर्सी होने का हवाला देकर जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को  निशाना बनाया है। जनप्रतिनिधियों की हरकत से अधिकारियों के साथ आम जनता में आक्रोष है।

                            स्थानीय संवादाता ने बताया कि जयरामनगर में मंच पर बैठने को आतुर सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं ने हद पार कर दी। समाधान शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों में मंच पर बैठने की होड़ दिखाई दी। जिसके कारण कुर्सियां कम पड़ गयी। इसी दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता को मंच पर कुर्सी नहीं मिली। नाराज कार्यकर्ता ने गाली गलौच करना शुरू कर दिया। जनपद पंचायत मस्तूरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी मोनिका वर्मा मिश्रा को सीधे सीधे निशाने पर लिया। लोगों ने कार्यकर्ता को निशाना बनाकर अश्लील गाली गलौच करते भी सुना।

                                             इस दौरान मंच पर एडिश्नल कलेक्टर आलोक पाण्डेय,मस्तूरी एसडीएम डिलेराम डाहिरे,जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक साहू,मस्तूरी जनपद पंचायत विनोद सिंह भी मौजूद थे। इसके अलावा तहसीलदरा वर्ग भी मंच के आस पास था।  बावजूद इसके किसी ने कार्यकर्ता की हरकत का विरोध नहीं किया।  कार्यकर्ता ने मंच पर पर्याप्त कुर्सी नहीं होने को लेकर सीईओ के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की। कुछ लोगों ने बताया कि नाराज कार्यकर्ता ने अश्लील गालियां भी दी। अश्लील गालियों को या तो सीईओ ने सुना नहीं या फिर उन्होने अनसुना किया। इसके बारे में किसी ने ठीक से नहीं बताया । लेकिन मंच पर मौजूद सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यकर्ता की नाराजगी को ना केवल देखा बल्कि उसके बोल को भी सुना।

                   इन सारी गतिविधियों पर जिला पंचायत सीईओ सहमी नजर आईं। लेकिन कार्यकर्ता को समझाइश देने का किसी ने एक बार भी प्रयास नहीं किया। अधिकारियों ने तो मुंह खोला ही नहीं…क्योंकि उनकी मजबूरी को समझा जा सकता है।

कुर्सी को लेकर अन्य जगहों पर भी हुआ विरोध

                         मालूम हो कि समाधान शिविर में इस बार ज्यादातर जगहों में ल मंच पर ना केवल कुर्सी दौड़ का नजारा बल्कि छुटभैये नेताओं की नाराजगी भी देखने को मिली। कोटा में कुछ जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कुर्सी नहीं मिलने के बाद पंडाल में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी तरह मामला पथरिया में भी देखने को मिला। बिल्हा ब्लाक में आयोजित एक शिविर में कुर्सी नहीं मिलने से नाराज एक नेता ने कार्यक्र्रम का बहिष्खार कर दिया। रतनपुर में भी एक ऐसे ही छुटभैये नेता का मामला सामने आया।

                 लेकिन जयरामनगर में समाधान शिविर में तो हद हो गयी। कुर्सी नहीं मिलने पर एक कार्यकर्ता ने तो अश्लील गालियों का बौछार कर दिया। सीधे सीधे महिला सीईओ को ही निशाना बनाया। क्रोध में आकर नाराज कार्यकर्ता ने शालीनता के बांध को भी तोड़ दिया। जबकि मंच पर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि  मुंह में गुटखा दबाए बैठे थे। लेकिन एक महिला अधिकारी को अपमानित करते कार्यकर्ता को ना तो किसी ने रोका और ना ही टोका। मामले में अधिकारियों ने  दबी जुबान में नाराजगी जाहिर की है।

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