हमार छ्त्तीसगढ़

मंत्रालय में बनेगा “आरक्षण प्रकोष्ठ”

mantra_rprरायपुर। राज्य सरकार ने शुक्रवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आरक्षण प्रकोष्ठ का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ सामान्य प्रशासन विभाग के कक्ष क्रमांक-तीन में स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर आरक्षण प्रकोष्ठ के गठन का आदेश आज शाम यहां मंत्रालय से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया। शासन के सभी विभागों की सरकारी नौकरियों (लोक सेवाओं) और पदों की रिक्तियों में आरक्षण से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। प्रकोष्ठ द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 के तहत बनाए गए अधिनियमों और नियमों से संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
आदेश के तहत प्रकोष्ठ द्वारा सम्पादित किए जाने वाले कार्य इस प्रकार होंगे – (1) छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 एवं उसके प्रावधानों के तहत बनाए गए नियमों से संबंधित कार्य। (2) छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग (सामाजिक प्रस्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम, 2013 एवं उसके तहत बनाए गए नियमों से संबंधित कार्य। (3) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण-पत्र संबंधी नियम/निर्देश जारी करने से संबंधित कार्य। (4)छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम 2012 से संबंधित कार्य। (5) छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 की धारा 19 के प्रावधानों के तहत वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा के पटल पर रखने का कार्य। (6) विभागों से प्राप्त आरक्षण संबंधी प्रकरणों में परामर्श/अभिमत देने का कार्य। (7) सर्वोच्च न्यायालय/उच्च न्यायालय द्वारा शासकीय सेवाओं में आरक्षण से संबंधित मामलों में पारित निर्णयों/न्याय दृष्टांतों के अनुसार आवश्यक नियम/निर्देश/परिपत्र/अधिसूचना जारी करने से संबंधित कार्य। (8) विभिन्न विशेष वर्गों के लिए शासकीय सेवाओं में निर्धारित आरक्षण संबंधी प्रावधानों के क्रियान्वयन से जुड़े कार्य। (9) आरक्षण संबंधी मामलों में भारत सरकार और अन्य विभिन्न माध्यमों से प्राप्त पत्रों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना और (10) सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण-पत्र से संबंधित प्रकरणों/पत्राचारों में प्रशासकीय विभाग (आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग) से परामर्श प्राप्त कर अनुषांगिक कार्रवाई सुनिश्चित करना। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव विकास शील द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों तथा अन्य संबंधित कार्यालयों को भेजी गई है।

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