मंत्रोच्चार के बीच मैरिज विथ सेल्फी….7 फेरों का गवाह बने जनप्रतिनिधि और अधिकारी..110 जोड़ों को हर्षिता ने दिया आशीर्वाद

बिलासपुर—-गौरेला में वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के बीच सुख समृद्धि यश कीर्ति सुखमय जीवन संकल्प के साथ जब 110 जोड़ों ने साथ फेरे लिए तो वन प्रांतर की आबोहवा नवजीवन में प्रवेश कर रहे युगलों को शुभकामनाएं-आशीर्वाद देने लगी। अवसर था गौरेला में शासन के सौजन्य से आयोजित सामुहिक विवाह महोत्सव का…..जहां जिला के आलाधिकारियों पंडितों और गणमान्य अधिकारियों के सुखद सानिध्य में नवयुगलों का वैदिक रीति नीति से विवाह सम्पन्न हुआ।

                       कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग अध्यक्ष  हर्षिता पाण्डेय समेत गौरेला नगर पंचायत अध्यक्ष अरूणा जायसवाल  जिला पंचायत सदस्य समेत एसडीएम नूतन कंवर डीएसपी मधुलिका सिंह महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुरेश सिंह,ड़ॉ.तारकेश्वर सिन्हा,सूर्यप्रकाश गुप्ता समेत अन्य विभागों के स्टाफ ने नवयुगलों को स्नेह आशीर्वाद दिया। इस दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। नव युगल ने शादी को यादगार बनाने के लिए किसी कैमरामैन का इंतजार नहीं किया। खुद ही सेल्फी लेकर सुखद लम्हों में दिल में संजोया।

                      बिलासपुर से करीब 110 किलोमीटर की दूरी पर 110 जोड़ों का आदिवासी वनांचल क्षेत्र गौरैला में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया।  शासन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के आलाधिकारी वर वधू को आशीर्वाद देते नजर आए।

                    मालूम हो कि विवाह जैसा कार्यक्रम बहुत खर्चिला होता है। नव-युगल परिवार विवाह कर्ज में डूब जाता था। कई बार देखने में आया है कि दादा के विवाह का खर्च पोता उठाता है। लेकिन सरकार की सामुहिक विवाह योजना का लाभ वनवासियों के साथ गरीब और मध्यमवर्ग के सामान्य लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

                    इन्ही सब बातों के मद्धेनजर गौरेला में वैदिक ऋति और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। सामुहिक विवाह कार्यक्रम से  सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति लोगों का विश्वास और भी मजबूत हुआ। प्रतिवर्ष परिणय सूत्र में बंधने वाले युगलों की संख्या में हो रही बढ़ोत्तरी को लेकर अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर की।

                                 गौरेला में 22 मार्च 2018 को 110 जोड़ों का वैदिक मंत्रों के साथ सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। शासन की महात्वाकांक्षी योजना में गौरेला से 39, मरवाही से 26 और पेन्ड्रा ब्लाक के 42  जोड़े परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। सुबह से ही विवाह की योग्य वर-कन्या और उनके परिजन विवाह स्थल पहुंचने लगे। नवयुगलों को मौर मुकुट और लाल जोड़े के साथ परम्परागत परिधान में सजाकर विशाल पंडाल में लाया गया। परम्परागत बाजे गाजे के साथ 110 नवयुवकों की बारात एक साथ सजी। इस दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बना। बारात के बाद वर-कन्या को यज्ञस्थल पर बिठाया गया।  पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूर्ण वैदिक रिति से विवाह सम्पन्न कराया।

                   विवाद के बाद शासन के निर्देशानुसार अधिकारियों के मार्गदर्शन में जनप्रतिनिधियों ने नवयुगल को नई गृहस्थी प्रारम्भ करने के लिए आवश्यक वस्तुएं भी उपहार में दी।  समाज के प्रमुख लोगों ने भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निभाया। कन्यादान की रस्म पूरी कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

                      कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार के प्रयास को समाज ने सहयोग किया है। हर्षिता पाण्डेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लोगों को हर साल सामुहिक विवाह कार्यक्रम का इंतजार रहता है। सरकार की भी मंशा है कि लोग अनावश्यक कर्ज से बचें। क्योंकि इस प्रकार के आयोजन से ना केवल खर्च पर रोक लगता है बल्कि सामाजिक सद्भावना को भी बल मिलता है। हर्षिता ने कहा आज सामुहिक विवाह के दौरान मैने देखा कि कई लोग आगे बढ़कर अनाथ बच्चियों  का कन्यादान कर पुण्य लाभ कमाया है। ऐसी परम्परा केवल भारत में ही देखी जा सकता है।

                   कार्यक्रम में अतिरिक्त कलेक्टर भगवान सिंह उइके,मंडल अध्यक्ष नीरज जैन,राकेश चतुर्वेदी,रेखा गर्ग,एसडीएम नूतन कंवर,योगेन्द्र नहरेल,बुदकुवंर मार्को,गोविन्द गुप्ता, डीपीओ सुरेश सिह,डॉ.तारकेश्वर सिन्हा,सूर्यप्रकाश गुप्ता समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग मोजूद थे।सभी ने नव युगल को आशीर्वाद दिया।

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