मेरा बिलासपुर

मशाल रैलीःभाजापाइयों ने किया सेनानियों को याद,कहा-अगस्त क्रांति में हुआ आजादी का बीजारोपण

IMG-20170809-WA0026बिलासपुर–भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने अगस्त क्रांति भारत छोड़ों आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ पर विशाल मशाल रैली निकालकर महापुरूषों को याद किया। मशाल रैली भाजपा कार्यालय से शुरू होकर पुराना बस स्टैण्ड डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक, तेलीपारा, मानसरोवर चौक, गोल बाजार, सदर बाजार, सिम्स चौक से देवकीनंदन दीक्षित पहुचकर खत्म हुई।
                           मशाल रैली निकालने के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभी मंडलों में महापुरूषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।  भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारत मां के अमर सपूतों को वंदन भी किया।
                              भाजपा जिलाध्यक्ष रजनीश सिंह ने कहा कि भारत छोड़ों आंदोलन सही मायने में जनांदोलन था। आंदोलन ने युवाओं की बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित किया। 9 अगस्त को भारत छोड़ों आंदोलन के ही दिन आजादी का बीजारोपण हुआ। 1857 से शुरू आजादी का संघर्ष साल 1942 तक अलग अलग रूपों में चला। 1942 से 1947 के बीच पांच साल निर्णायक संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली। हम आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सैनानियों के हमेशा ऋणी रहेंगे।
                           भाजपा एल्डरमेन कहा कि 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ों आंदोलन प्रारंभ हुआ। आज के ही दिन देश के युवा और आम जनमानस ने अग्रेंजों को बाहर खदेड़ने का संकल्प लिया। 9 अगस्त को देश के इतिहास में अगस्त क्रांति के रूप में भी जाना जाता है। 8 अगस्त की शाम अग्रेजों ने देश के शीर्षस्थ नेताओं को जेल भेज दिया। लेकिन महात्मा गांधी के आह्वावन पर देश का एक एक बच्चा और नौजवान 9 अगस्त की सुबह सड़कों पर आजादी के लिए उतर गया। अंग्रेजों ने निहत्थे भारतीयों पर बम गोला,बंदूक चलाए। लेकिन भारत मां के सपूतों के हौसलों को तोड़ने में उन्हें कामयाबी नहीं मिली।15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ।
                         मनीष ने बताया कि 9 अगस्त की घटना के बाद दुनिया के इतिहासकारों ने कह दिया था कि अब भारत को आजादी मिलकर रहेगी। आखिर इतिहासकारों की बात सच हुई। अंग्रेजो को देश छोड़ना ही पड़ा। पांच साल बाद 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ।
                                        मशाल जुलूस में प्रमुख रूप से राजनीश सिंह,मनीष अग्रवाल,गुलशन ऋषि, कृष्ण कुमार कौशिक, सुनीता सिंह क्षत्री, विजयधर दीवान, दीपक सिंह ठाकुर, रूक्मणी कौशिक, युसूफरजा बरकाती, डाॅ.सुनील जायसवाल, घनश्याम रात्रे, महेश चंद्रिकापुरे, धीरेन्द्र केशरवानी, मनोज मिश्रा, आनंद दुबे, प्रबीर सेन गुप्ता, राधेश्याम मिश्रा, संतोष तिवारी, सुनीता मानिकपुरी, राजेश रजक, रामचरण वस्त्रकार, दुर्गेश पाण्डेय, विनय अवस्थी, विष्णु सोनी, आदित्य तिवारी, संजय मुरारका, अमरदीप बोलर, रोशन सिंह, समेत सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।

सुकदेव परीक्षित संवाद सुन...भक्त हुए विभोर
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