महाधिवक्ता ने बदला काम का तौर तरीका…बढ़ गयी विधि अधिकारियों की जवाबदेही…सत्यापन के बाद ही पेश होगा केस…

बिलासपुर—-महाधिवक्ता कार्यालय के काम काज को लेकर महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने जरूरी कदम उठाया है। कार्य विभाजन कर अधीनस्थों को नई जिम्मेदारियां दी है।
                महाधिवक्ता कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा अधीनस्थों के कार्यो में नई जिम्मेदारियों को शामिल किया है। महाधिवक्ता के नए निर्देश के अनुसार प्रत्येक न्यायालय कक्ष में वरिष्ठतम विधि अधिकारी न्यायालय से सम्बंधित सभी मामलों का जवाबदेह होगा। सुनवाई, न्यायालयिन आदेश परिपालन, कार्य आबँटन इसमें शामिल होंगे। किसी प्रकार की दिक़्क़त होने पर महाधिवक्ता के सामने बात रखी जाएगी। इससे न्यायालयिन कार्य में ना केवल शीघ्रता होगी बल्कि काम में आसानी होगी।
                          जानकारी के अनुसार आबँटन में पारदर्शिता और गतिशीलता के लिए विधि अधिकारियों के बीच मामलों के जवाब ड्राफ़्टिंग आबँटनों को कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा। पूर्व की भाँति कोई वरिष्ठ विधि अधिकारी अब अलॉट्मेंट का कार्य नहीं करेगा। इसके बाद उन्हें केस फ़ाइल भेज दी जाएगी। किसी प्रकार की दुविधा होने पर महाधिवक्ता के निर्देश पर किसी वरिष्ठ विधि अधिकारी को फ़ाइल अग्रेषित की जाएगी। दोनों विधि अधिकारियों की मदद से जवाब तैयार किया जाएगा। जवाब बन जाने के बाद उपलब्ध अतिरिक्त महाधिवक्ता अप्रूवल करेंगे। इसके बाद ही जवाब न्यायालय में दाख़िल के योग्य माना जाएगा।

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