महिलाओ के लिए कार्यस्थल में सकारात्मक माहौल बनाना होगा-बोरा

karyashalaरायपुर। राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गुरुवार को नवीन विश्राम भवन में ’कार्य स्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि महिलाएं जागरूक होंगी, तभी इस अधिनियम का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होगा।कार्यस्थल में ऐसा सम्मानजनक और सकारात्मक माहौल बनाना होगा, जिससे उन्हें इस बात का भरोसा हो कि उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

                             बोरा ने कहा कि अधिनियम का प्रभावी प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। महिलाएं अक्सर लोक-लज्जा और कई मजबूरियों की वजह से उनके साथ हुए शोषण और दुर्व्यवहार की शिकायत नहीं कर पाती। महिलाएं यही सोचती रहती हैं कि शिकायत करने के बाद उनके साथ क्या होगा, उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं, परिणाम उनके पक्ष में होंगे या नहीं, इन्हीं सब कारणों से वे शिकायत नहीं कर पाती हैं। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है।

                            891 (2)छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि जिस प्रकार एक पक्षी को उड़ान भरने के लिए दोनों पंखों की जरूरत होती है, उसी तरह समाज के समग्र विकास के लिए स्त्री और पुरूष दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रशासनिक, राजनीतिक, न्यायपालिका, मीडिया सहित हर क्षेत्र में महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उनके सामने चुनौतियों का भी विस्तार हुआ है।

                           महिलाओं को कार्य स्थल पर कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हम यह देखते आ रहे हैं कि महिलाओं को संस्कृति के नाम पर शोषण के विरूद्ध मौन रहने की सीख दी जाती रही है। उसी मौन को तोड़ने और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति और स्थानीय शिकायत समिति का गठन किया गया है।

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