महिला ठेकेदार ने लगाया षड़यन्त्र का आरोप…जानबूझ कर किया टेण्डर निरस्त..निगम आयुक्त की दो टूक..कराएंगे जांच

बिलासपुर— दिग्दर्शी महिला विकास समिति संचालिका ने आरोप लगाया है कि निगम जोन क्रमांक 1 के अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलकर उसके साथ अन्याय किया है। चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिेए पक्ष में टेण्डर होने के बाद भी निरस्त कर दिया गया है। इस बात का उसके पास पुख्ता प्रमाण है। रेखा ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत निगम आयुक्त से की है। विश्वास है कि महिला सफाई ठेकेदार के साथ न्याय होगा।

                          दिग्दर्शी महिला विकास समिति की संचालिका रेखा वर्मा ने बताया कि वह लम्बे से समय से निगम में सफाई ठेकेदारी का काम करती है। पिछले दिनों जोन क्रमांक 1 का टेण्डर उसके पक्ष में आया। लेकिन ठेकेदारों ने अधिकारियों से साठ गांठ कर टेण्डर को निरस्त करवा दिया है। रेखा वर्मा के अनुसार 4 जून 2020 को जोन क्रमांक 1 के लिए सफाई ठेका का टेण्डर निकला। नियम के अनुसार 30 जून 2020 को सभी निविदा डालने वालों के सामने टेण्डर ओपन किया जाना था। किन्ही कारणों से टेण्डर नही खुला।

               नियमानुसार सबसे पहले कागजात वाला लिफाफा खोला जाता है। इसके बाद दर सूची का लिफाफा खुलता है। 3 जुलाई को इधर उधर से जानकारी मिली कि जोन क्रमांक 1 का सफाई ठेका टेण्डर खुलने वाला है। इस बात की उसे जानकारी नहीं गयी थी। आनन फानन में मौके पर पहुंची। मौजूद अधिकारी और ठेकेदार उसे देख हड़बड़ा गए। इसी दौरान पता चला कि उसकी निविदा ळिफाफा को अधिकारियों ने ठेकेदारों के इशारे पर अलग करते हुए खोलने से इंकार कर दिया है। पहले तो लिफाफा नहीं खोलने के कई कारण बताए। इसके बाद उपायुक्त खंचाजी कुम्हार से मिन्नत की। तभी कहाीं जाकर अधिकारियों ने लिफाफा खोला।

          रेखा वर्मा ने कहा कि दोनों लिफाफा खुलने के बाद जोन क्रमांक 1 का सफाई ठेका दिग्दर्शी महिला समिति को मिला। लेकिन बिना किसी कारण बताए दुसरे दिन तकनीकि का बहाना बताकर टेण्डर को निरस्त कर दिया।बताया गया कि इतने कम दर पर काम हो ही नही सकता है। निगम के अधिकारी ने सलाह दिया कि मिलकर काम करो। ज्यादा दर के साथ इस बार टेण्डर भरो..दूसरे को काम करने का मौका दो। इसके अलावा उसकी जरूरतों को दूसरे ठेकेदार पूरा करेंगे।

             रेखा वर्मा ने कहा कि उसके साथ ठेकेदार औ र निगम अधिकारियों ने षड़यंत्र किया है। इस बात उसके पास पर्याप्त प्रमाण है। क्योंकि पहले तो गुपचुप तरीके से बिना बुलाए कुछ ठेकेदारों के सामने लिफाफा खोलने का असफल प्रयास किया गया। इसके बाद उनके निविदा लिफाफा को जानबूझकर नहीं खोलने की बात कही गयी।  

                कुछ दिन पहले ही एक ठेकेदार ने हिदायत दी थी कि वह टेण्डर ना भरे। यदि भरती भी है तो जानकारी जरूर दे कि दर क्या भर रही है। चूंकि टेण्डर दिग्दर्शी महिला समिति को मिल गया। इसके बाद उस ठेकेदार ने उपायुक्त से मिलकर टेण्डर को निरस्त करा दिया। जबकि निरस्त किए जाने का कोई कारण भी नहीं है।

आयुक्त से लिखित शिकायत

                  रेखा वर्मा ने बताया कि मामले में आयुक्त से लिखित की है। उम्मीद है कि उसके न्याया होगा। यह जानते हुए कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने दृढ़ संकल्प है। ऐसे में पुरूष सफाई ठेकेदारों ने जीना मुश्किल कर दिया है। महिला के अधिकारों को दमन किया जा रहा है। न्याय जरूर मिलेगा। 

मामले की करेंगे जांच

               मामले में आयुक्त निगम प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। पता लगाएंगे कि आखिर शिकायत को उनके सामने पेश क्यों नही किया गया।  महिला ठेकेदार के साथ अन्याय नहीं होगा। चूंकि यह ठेका जोनस्तर पर निकला था। इसलिए जोन प्रभारी और उपायुक्त से बात कर टेण्डर निरस्त किए जाने से लेकर प्रक्रिया के दौरान की गयी लापरवाही के आरोप की जांच जरूरी है।              

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