मामूली बारिश में खुल गई नगर पालिका की कलई,सड़क पर फैल रही “कमीशन” की बदबू


मुंगेली(आकाशदत्त मिश्रा)।
सिर्फ दो दिन की बारिश ने मुंगेली नगर पालिका प्रशासन को आइना दिखा दिया। नंगरा पालिका अंतर्गत आने वाली ना सिर्फ तंग गालियां बल्कि शहर की मुख्य सड़को पर भी नालियों से उफनता गन्दा बदबूदार पानी बहता रहा , निकासी नही होने और परस्पर सफाई नही होने की वजह से नालियां गन्दे पानी से पट गयी और आम जाने वाले राहगीर गाड़ी समेत गहरी जानलेवा नालियों के खुले चेम्बरो में गिरने लगे, कुछ सड़के तालाबो में तब्दील हो गयी और लोग एक तरफ से दूसरे तरफ जाने अपनी अपनी जुगत लगाते दिखे , इन सब के बीच नगर पालिका प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी हर बार की तरह नदारद दिखे और जनप्रतिनिधियों में इस स्थिति को लेकर एक दूसरे को कोसने के सिवा कोई दूसरा कार्य नही बचा था। स्वच्छ भारत मिशन के बैनर तले अभियान की टोपी लगाए नगर पालिका के अधिकारी लगभग सभी तस्वीरों में नजर आते रहे है लेकिन महज औपचारिकता पूरी करने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान की कमर महज दो दिन की बारिश में टूटती नज़र आयी।

मुंगेली नगर के मुख्य मार्गो की सभी नालियों का गन्दा पानी सड़को पर बहता रहा , कुछ जगहों पर पानी का जमाव कुछ इस कदर हुआ कि दुर्गंध से लोगो की तकलीफे और भी बढ़ गयी। सफाई और निकासी को लेकर पूरी तरह फैल साबित होती नजर आ रहा नगर पालिका प्रशासन के मुख्य अधिकारी नगर की समस्या को लेकर उदासीन नज़र आ रहे है V VIP जनप्रतिनिधियों से घिरे होने से आमजनता और उनकी समस्याएं उन तक नही पहुच पा रही है ।जो कि खासकर इस मौसम को लेकर चिंता का विषय है।

बढ़ रहा मच्छरों के प्रकोप
बारिश होते ही जगह जगह जल का भराव शुरू हो गया है जिससे मच्छरों के पनपने की प्रक्रिया और भी तेज हो गयी है , विडम्बना है कि नगर में मच्छरों पर कंट्रोल करने नंगरा पालिका प्रशासन के द्वारा कोई भी उपाय नही किये जा रहे जिसकी वजह से मच्छरों से डेंगू के लक्षण वाले मरीजो की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फॉगिंग मशीन का नगर पालिका के दफ्तर में कोई अता पता नही है , जब फॉगिंग मशीन के बारे जानकारी मांगी जाती है तो नगर पालिका अधिकारी और कर्मचारी इस मशीन को लेकर अलग अलग तर्क देते नजर आते है जो कि जांच का विषय है।
प्रभावशाली जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे……..

बारिश के दिनों में मुंगेली में पानी निकासी को लेकर बिगड़ी स्थिति पर जनप्रतिनिधियों के आक्रोश और गुस्सा सिर्फ उनके वार्डो तक सीमित नज़र आ रहा है , नगर पालिका के दफ्तर तक पहुचते ये आक्रोश धीमा पड़ जाता है इसके पीछे की वजह जानने की हमने कोशिश की तो गुप्त सूत्रों से कमीशन के एक बड़े बंदरबांट की जानकारी निकल सामने आई जिसे लेकर cgwall.com की पड़ताल अभी जारी है जल्द ही मुंगेली नगर पालिका के इस कमीशन वाले सिस्टम से पर्दा उठाकर आपको बताया जाएगा कि किस तरह कमीशन के एवज में मुंगेली की जनता की आवाज़ को दबाया जाता है उनकी फरियादों को कूड़े की टोकरी में डाला जाता है।

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