मिनीमाता-रेशमलाल , समाज के रोल मॉडल

mini mata

रायपुर । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता और देश की पहली लोकसभा के सांसद स्वर्गीय  रेशमलाल जांगड़े प्रदेश के गौरव और समाज के रोल मॉडल हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को  भिलाई नगर में दोनों महानविभूतियों की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस आशय के विचार व्यक्त किए।
उन्होंने सतनामी समाज के प्रतिनिधियों के आग्रह पर भिलाई-3 में गुरू घासीदास मंगल भवन निर्माण के लिए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से 20 लाख रूपए मंजूर करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नगर निगम भिलाई-चरौदा मंगल भवन में आयोजित संभाग स्तरीय सतनामी समाज सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू, राज्यसभा सांसद डॉ. भूषणलाल जागड़े, संसदीय सचिव  लाभचंद बाफना, विधायक  सांवला राम डहरे और  विद्यारतन भसीन, स्वर्गीय  रेशमलाल जागड़े की पत्नी श्रीमती कमला जांगड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में  स्वर्गीय  रेशमलाल जागड़े की जीवनी पर आधारित किताब ‘सतनामी सपूत’ और सतनामी समाज पर आधारित पुस्तक ‘सतनाम आंदोलन प्रवाह’ का विमोचन किया।
डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में सतनामी समाज के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता महिला उत्थान और बालिका शिक्षा की पक्षधर थी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय  रेशमलाल जांगड़े को याद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकसभा की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संसद के प्रथम सांसदों के सम्मान समारोह में स्वर्गीय  रेशमलाल जांगड़े का भी सम्मान किया गया। प्रायः यह देखा जाता है कि पद पाकर व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है, लेकिन स्वर्गीय  रेशमलाल जागड़े आजीवन सरल-सहज और आम आदमी के प्रतिनिधि बने रहे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय भूमिका निभायी। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्होंने सायकल से घूम-घूम कर युवाओं को आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। वे अदभुत इच्छा शक्ति के धनी थे। उन्होंने लोकहित में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। स्वर्गीय  रेशमलालजांगड़े संत जैसा जीवन व्यतित करने वाले सच्चे छत्तीसगढ़िया थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों महाविभूतियों का जीवन-दर्शन युगों-युगों तक समाज का पथ प्रदर्शित करता रहेगा।

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