मुख्य अतिथि ने जताई खुशी…कहा..बेहतर हो रहा राजभाषा में कामकाज…नये कर्मचारियों को करेंगे प्रशिक्षित

बिलासपुर—-एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में कम्पनी स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति बैठक हुई।निदेशक (कार्मिक) डाॅ. आर.एस. झा की अध्यक्षता, महाप्रबंधक (कार्मिक/प्रशासन) ए0के0 सक्सेना, मुख्य प्रबंधक (का-प्रशा/जनसंपर्क/राभा) पी0 नरेन्द्र कुमार, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय कार्मिक प्रमुखों और नोडल अधिकारी की उपस्थिति में कम्पनी स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में राजभाषा में कार्यालयीन कामाकाज की समीक्षा की गयी।

                      बैठक की अध्यक्षता करते हुए आर.एस.झा ने कहा कि एसईसीएल ने इस साल रिकार्ड तोड़ कोयला उत्पादन कर इतिहास रचा है। 27 मार्च तक हमारी कम्पनी ने सदा की तरह नम्बर-1 कोयला उत्पादक कम्पनी का रूतवा बचा कर रखा है। एमसीएल 147.13 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर दूसरे नंबर पर और एनसीएल 100.33 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर हमसे पीछे तीसरे नम्बर पर है।

  झा ने बताया कि कोलइण्डिया का कुल उत्पादन 23 मार्च तक 608.75 मिलियन टन हुआ है। एसईसीएल की इस गौरवमयी उपलब्धि पर सभी को व्यक्तिगत रूप से बधाई देता हूं। एसईसीएल उत्पादन, उत्पादकता, प्रेषण आदि क्षेत्रों में सदा से अग्रणी रहा है। हम ’’क’’ क्षेत्र के निवासी होने के कारण अधिकाधिक कार्यालयीन पत्राचार हिन्दी में करें। हमें समेकित रूप से भरसक प्रयास करते रहना चाहिए। एसईसीएल में हिन्दी पत्राचार की गति पर सन्तुष्टि जाहिर करते हुए झा ने कहा कि हिन्दी पत्राचार में वृद्धि को लेकर हमसे जो भी अपेक्षा क्षेत्रीय कार्यालयों या मुख्यालय के विभागाध्यक्षों से की जाएगी..उसे जरूर पूरा किया जाएगा।

                     बैठक में कम्पनी स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति पूर्व में हुई बैठक को लेकर विस्तार से चर्चा हुी। बैठक की कार्यसूची के अनुरूप हिंदी पत्राचार का शत-प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया। राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3 (3) का शत-प्रतिशत अनुपालन, संसदीय राजभाषा मिति के विभिन्न खण्डों पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को लेकर बातचीत हुई। मुद्रित सामग्री और प्रचार-प्रसार संबंधी समस्त सामग्री अनिवार्य रूप से हिंदी अथवा द्विभाषी रूप में मुद्रित कराने को लेकर चर्चा हुई।  राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, भारत सरकार की राजभाषा नीति के अनुपालन के लिए मानिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने को कहा गया।

               नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों को हिंदी का ज्ञान नहीं होने पर सेवा के शुरू में ही हिंदी प्रशिक्षण की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियोंं ने विशेष व्यवस्था का निर्देश दिया। एसईसीएल मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के विभागों की दिसंबर 2018 को समाप्त तिमाही प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा हुई। बैठक के दौरान क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव पेश किए।

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