मेरा बिलासपुर

मेरे खिलाफ सोची समझी साजिश…सिसोदिया ने मांगी सुरक्षा

IMG-20151102-WA0005बिलासपुर– मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। मेरा राजेन्द्र तिवारी के आत्मदाह से कुछ लेना देना नहीं है। मुझ पर स्थानीय विधायक का दबाव था मैने सरकार के दिशा निर्देश पर ही काम किया है। इसके चलते सियाराम कौशिक मुझे निशाना बना रहे हैं। उन्होंने जो भी आरोप मुझ पर लगाये हैं। वह आधारहीन और बदले की कार्रवाई से किया जा रहा है। यह बातें दो दिन पहले रिटायर्ड हुए विवादास्पद एसडीएम अर्जुन सिसोदिया ने आज पत्रकारों से कही।

                             राजेन्द्र तिवारी आत्मदाह मामले में खासे चर्चित दो दिन पहले ही रिटायर्ड हुए बिल्हा एसडीएम अर्जुन सिसोदिया ने आज कहा कि मैं निर्दोष हूं। कांग्रेस विधायक उन्हें जानबूझकर निशाना बना रहे हैं। अर्जुन सिसोदिया ने कहा कि घटना की न्याययिक जांच हो। इसके बाद सब कुछ सामने आ जाएगा। उन्होंने आज कलेक्टर कार्यालय के सामने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राजेन्द्र तिवारी ने किसे घुस दिया था किसे नहीं दिया इसकी जानकारी मुझे नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबू से पूछताछ जरूरी है। लेकिन घूस जैसे मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है।

                                     अर्जुन सिसोदियों ने आज कमिश्नर और आई जी से लिखित पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच की बात कही है। सिसोदिया ने बताया कि मेरे ऊपर स्थानीय विधायक सियाराम कौशिक शासन विरुद्ध काम करने का दबाव बनाया। लेकिन मैं उनकी बातों को कभी नहीं मिला। इसलिए जब तक मैं एसडीएम रहा मुझ पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए धमकी देते रहे है। सिसोदिया ने कहा कि मैने किसी ट्रैक्टर वाले से अनावश्यक रूप से उगाही नहीं की है। जो कुछ हुआ है नियामानुसार और खनिज विभाग को इसकी जानकारी है। अवैध खनिज परिवहन वालों पर कार्रवाई की गयी है। जो भी रकम हासिल हुआ उसे सरकारी कोष में जमा कर दिया है। मैने इस साल 18 करोड़ रूपए शासन को बिल्हा से कार्रवाई की बाद दी है।

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                                              सिसोदिया ने बताया कि मुझ पर स्थानीय विधायक भाजपा नेताओं के इशारे पर उगाही करने का आरोप लगाया है जो सरासर गलत है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री से मेरी रिश्तेदारी है लेकिन कभी इसका मेरे काम पर प्रभाव नहीं पड़ा है। सिसोदिया ने बताया कि जिस दिन राजेन्द्र तिवारी ने आत्महत्या का कदम उठाया उस समय मैं जिला अधिकारी के साथ बोदरी में था। राजेन्द्र ने कब आत्मदाह किया इसकी जानकारी मुझे मिडिया से ही मिला।

                              एक सवाल के जवाब में सिसोदिया ने बताया कि मेरा पिछले 6 महीने से राजेन्द्र तिवारी से मुलाकात ही नहीं हुई। ना ही उससे कभी टेलीफोन पर बातचीत ही हुई  है। मुझे कुछ लोग फंसाने के लिए इस प्रकार षड़यंत्र रचा है। सिसोदिया ने बताया कि इस पूरे षड़यंत्र में स्थानीय विधायक सियाराम कौशिक,लक्ष्मीनारायण दुबे, दिवाकर दुबे और अशोक तिवारी की अहम भूमिका है। इन्होंने मेरी छवि को हमेशा से धूमिल करने का प्रयास किया है। राजेन्द्र आत्महत्या मामले में भी ऐसा ही किया।

                                                पूर्व एसडीएम ने बताया कि लीज की जमीन हो या किसी प्रकार का निर्णय हो जो मेरे द्वारा लिया गया..वह नियमानुसार है। अवैध खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किया। इसकी जानकारी प्रशासन को भी है। मुझे इसके लिए अवार्ड भी मिला है। कई प्रश्नों के जवाब में सिसोदिया ने बस इतना ही कहा कि मुझे चौकड़ी ने फंसाने और धूमिल करने का काम किया है। सिसोदिया ने बताया कि मै अब रिटायर्ड हो गया हूं। मेरी दो बच्चियां हैं पत्नी है। सुरक्षा के लिए मैने आई जी और कमिश्नर से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यदि शासन को लगे तो सीबीआई जांच करवा ले।

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