यहां..CMO का तुगलकी फरमान.. कोरोना से बचने कीटनाशक दवा से करें सेनेटाइज..कहा..सोडियम हाइपो क्लोराइड मिलाना हरगिज ना भूलें

बिलासपुर– हमेशा नए विवाद को जन्म देने वाले और जनप्रतिनिथियों के खिलाफ जहर उगलने में माहिर मुंगेली सीएमओ ने एक बार फिर विवादों के केन्द्र में है। अपनी जुदा कार्यशैली से जनता और जनप्रतिनिधियों समेत कर्मचारियों के विरोध का सामना कर रहे राजेन्द्र पात्रे ने सभी कार्यालयों को कोरोना से बचने कीटनाशक दवा से सेनेटाइज किए जाने का आदेश दिया है। सीएमओ के आदेश को लेकर मुंगेली जिला प्रशासन ही नहीं जनता भी स्तब्ध है।

             मुंगेली मुख्य नगरपालिका अधिकारी एक बार फिर चर्चा के केन्द्र में है। सीएमओ राजेन्द्र पात्रे ने एक आदेश जारी कर  सबके कान को खड़ा कर दिए हैं।

                  सीएमओ पात्रे ने देश जारी कर बताया है कि कोरोना महामारी से बचने जागरूकता की बहुत जरूरत है। सभी लोगों को सेनेटाइज प्रक्रिया से लेकर सोशल डेस्टिंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। शासन के निर्देश पर सभी कार्यालयों को सेनेटाइज किए जाना है। 

                                         अपने फरमान में सीएमओ ने लिखा है कि आम जनता और कर्मचारी बताए गए दुकान से कृषि उपकरण खरीदे। इसके अलावा मेलाथियान और सोडियम हाइपो क्लोरइड भी खरीदें। दोनों लिक्विड को मिलाकर कार्यालयों को सेनेटाइज करें। पात्रे ने आदेश में कहा है कि पालिका क्षेत्र में मेलाथियान और सोडियम हाइपो क्लाोरा़ड से सेनेटाइजिंग करवाने पर्याप्त मानव बल है। आदेश का पालन करते हुए सभी कार्यालयोंं को सेनेटाइज किया जाना अनिवार्य है।

                      वहीं सीएमओ पात्रे के कोरोना से बचने नए फार्मुले वाले फरमान से अधिकारी से लेकर कर्मचारी भौचक्क है। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सीएमओ को शायद यह नही है कि भारत में मेलाथियान प्रतिबंधित कीटनाशक दवा है। मेलाथियान का एक बूंद से किसी की भी जिन्दगी मिनटो में खत्म हो सकती है। जबकि सोडियम हाइपो क्लोराइड से पानी में भी आग लगाने के लिए पर्याप्त है। शायद उन्होने ऐसा आदेश अपनी सीमित जानकारी के कारण दिया होगा। 

                  कृषि अधिकारी ने बताया कि मेलाथियान से कीट और खरपतवार को नष्ट किया जाता है। जबकि सोडियम हाइपो क्लोराइड भयंकर ज्वलनशील रासायनिक तत्व है। सेनेटाइजिंग के नाम पर दोनों तत्वो से तैयार लिक्विड का छिड़काव अतार्किक है। क्योंकि कोरोना मरे या ना मरे लेकिन इन तत्वों के सम्पर्क में आने के बाद इंसानों की मौत निश्चित है।

                  फिलहाल लोग सीएणओ के आदेश को लेकर सशंकित के साथ बेचैन भी है।  बावजूद इसके कह कोई कुछ नहीं रहा है।

             वहीं मामले में जब मुंगेली कलेक्टर अल्मा से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उन्होने मोबाइल नही उठाय। बल्कि बार बार फोन काट भी दिया। फिलहाल मुंगेेली के कर्मचारी और जनता सीएमओ के फरमान को लेकर जमकर मीम कर रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *