युवाओं में हृदय रोग चिंता का विषय…विशेषज्ञों ने कहा…वाकिंग.स्वीमिंग और जीवन शैली से करें खुद का बचाव

बिलासपुर—युवाओं में बढ़ता हृदय रोग चिंताजनक का विषय है। वर्तमान जीवनशैली और प्रतिस्पर्धा से युवाओं में तनाव पैदा हो रहा है। जिसके कारण मानसिक रोगों के साथ हृदय रोग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। यह बात पत्रकार वार्ता में हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टरों ने कही। अपोल के हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ साल पहलते तक  हृदयरोग से ग्रसित हाने वाले मरीजों की औसत आयु 35 से 45 थी। अब अनुपात बिगड़कर 21 से 30 साल हो चुका है। युवाओं में हृदय रोग चिंता का विषय है।

                      पत्रवार्ता में सीईओ अपोलो हाॅस्पिटल डाॅ. सजल सेन ने कही।बताया कि वर्तमान कम्प्यूटर आधारित कार्य और क्रियाकलापों से शारिरिक श्रम में कमी आयी है। अनियमित दिनचर्या ने हृदयरोगियों की संख्या में ईजाफा किया है।

                                    विश्व हृदय रोग दिवस पर हृदय रोग विशेषज्ञ  डाॅ. एम. पी. सामल, डाॅ. राजीच लोचन भांजा और डाॅ. दिलीप कुमार मोहन्ता ने बताया कि हृदय रोग के मूल तीन कारण है। पहला अनुवांशिक दूसरा मधुमेह और तीसरा धूम्रपान। इसके अलावा हृदय रोग के अन्य कई कारण भी है। डॉक्टरों ने बताया कि नियमित और संयमित जीवनशैली से ही हृदय रोग से बचा जा सकता है।

        हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि तनाव हृदयरोग का महत्वपूर्ण कारण है। तनाव से बचने नियमित व्यायाम, योग, उचित खानपान और ध्यान का होना जरूरी है। इन सबके बाद भी हृदयरोग होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंंचकर समुचित उपचार किया जाना चाहिए।

          विशेषज्ञों के अनुसार हृदयाघात की स्थिति में अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर में तत्काल एन्जियोप्लास्टी की सुविधा के बारे में विस्तार से बताया। डाॅ संजय जैन वरिष्ठ हृदयरोग शल्य चिकित्सक ने बताया कि किस स्थिति में हृदय रोगी की सर्जरी की जरूरत होती है।  हृदयरोग सर्जरी में केवल बायपास सर्जरी ही नहीं बल्कि अन्य कठिन सर्जरी जैसे वाल्व परिवर्तन टेट्रालाॅजी आॅफ फैलोट समेत कई प्रकार की सर्जरी अपोलो हाॅस्पिटल में होती है। हृदयरोग विशेषज्ञों ने सवाल के जवाब में बताया कि महिलाओं और पुरूषों में हृदयघात के लक्षण तो एक जैसे होते है। लेकिन महिलाओं की तुलना में पुरूषों में सीने के होने वाला दर्द ज्यादा तेज होता है।

               चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों में हृदय रोग का होना चिंता का विषय है। डॉक्टरों ने जन्मजात हृदय रोग की भी जानकारी दी। अपोलो सीईओ डाॅ.सजल ने बताया कि अपोलो बिलासपुर में हर दो महीने में चेन्नई के हृदय रोग विशेषज्ञ और सर्जन निःशुल्क कैम्प आयोजित करते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक शासकीय सहायता से भी उपचार करते हैं।

            डॉ.सजल ने विश्व हृदय दिवस के थीम युवाओं में बढता हृदय रोग में आरंभिक जाॅच महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए शनिवार को सिटी सेंटर में और रविवार को जाॅच शिविर का आयोजन किया गया है। ज्यादा से ज्यादा लोग निःशुल्क शिविर का लाभ उठा सकते हैं। डॉ.सजल समेत हृदय रोग विशेषज्ञों ने युवाओं को नियमित व्यायाम, नियमित जीवनशैली और खानपान पर ध्यान देने को कहा। साथ ही संभावित हृदय रोग की बढ़ती समस्या को रोकने की बात कही।

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