रमन ने की क्षेत्रीय कार्यालय की मांग

4018ccरायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केन्द्र सरकार से केन्द्रीय वन सरंक्षण अधिनियम के तहत राज्य में सिंचाई और विद्युत विस्तार परियोजनाओं के लिए फारेस्ट क्लियरेंस जल्द जारी करवाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो लेन की सड़कों के मामलों में तो केन्द्र ने राज्यों को यह अधिकार दिया है, लेकिन सिंचाई परियोजनाओं में नहरों के निर्माण के लिए भी राज्य सरकारों को यह अधिकार मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में इस सिलसिले में नई दिल्ली से आए केन्द्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन महानिदेशक डॉ. एस.एस. नेगी के साथ बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का एक क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में खोलने की भी जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विकास परियोजनाओं के लिए फारेस्ट क्लियरेंस से संबंधित प्रकरण नागपुर के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजना पड़ता है। ऐसे मामलों का राज्य स्तर पर ही जल्द से जल्द निराकरण हो, इसके लिए नये छत्तीसगढ़ राज्य में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना जरूरी है। केन्द्रीय वन महानिदेशक ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर सहमति प्रकट करते हुए कहा कि तात्कालिक रूप से नागपुर के क्षेत्रीय कार्यालय का कैम्प आफिस रायपुर में जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार के वन विभाग से एक अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह पर अपनी सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डॉ. रमन सिंह ने बैठक में केन्द्रीय वन महानिदेशक को राज्य के सोंढूर सिंचाई जलाशय से संबंधित वन प्रकरण के भी जल्द निराकरण की जरूरत बतायी। मुख्य सचिव विवेक ढांड ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में कई लघु सिंचाई जलाशयों के नहरों का निर्माण फारेस्ट क्लियरेंस के मामले लंबित होने के कारण रूके हुए हैं। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने कहा कि बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर आदि जिलों में कई ऐसे गांव हैं, जहां बिजली पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के सर्वेक्षण करवाया है। अब वहां विद्युत विस्तार के लिए वनभूमि से संबंधित मामलों का जल्द निराकरण किया जाना जरूरी है। बैठक में केन्द्रीय वन महानिदेशक डॉ. नेगी ने छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को छत्तीसगढ़ से मिल रहे वन संरक्षण के आंकड़े काफी उत्साहवर्धक हैं।
बैठक में जंगली हाथियों की समस्या सहित अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश सरकार के वनमंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव विवेक ढांड, गृह विभाग के प्रमुख सचिव बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, ऊर्जा विभाग और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ए.ए.बोआज, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सर्वश्री मुदित कुमार सिंह और कौशलेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रजत कुमार तथा अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...