कमिश्नर बोरा ने लगाई एक दिन में सुनवाई की सेंचुरी

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बिलासपुर— जल्द ही बिलासपुर संभाग को राजस्व विवाद मुक्त संभाग बना लिया जाएगा। लम्बित प्रकरणों की सुनवाई लगातार चल रही है। संभाग के पांच जिलों में यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पंचायत से लेकर संभाग तक लंबित राजस्व प्रकरणों को अधिकारी तेजी निपटा रहे हैं। अभी तक पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा मामले को बहुत कम समय में ही निपटा लिया  गया है। उम्मीद है कि समय से पहले हम अपना लक्ष्य हासिल कर लेगें। इसके साथ ही बिलासपुर संभाग प्रदेश का पहला राजस्व विवाद मुक्त संभाग बन जाएगा। राजस्व विभाग में प्रकरणों की सुनवाई के बाद ये बातें संभागायुक्त सोनमणी वोरा ने कही।

                    वोरा ने बताया कि आज कोरबा और रायगढ़ जिले के राजस्व प्रकरणों की सुनवाई हुई । मैने सौ से अधिक मामलों को सुना गया । पक्षकारों की समस्याओं को सौहार्धपूर्ण माहौल में हल करने का प्रयास किया गया । उम्मीद है आने वाले समय में राजस्व प्रकरणों का और तेजी से निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दस महीनों में मेरे दवारा अभी तक चार सौ अधिक प्रकरणों का निपटारा किया जा चुका है। जो पिछले साल की तुलना बहुत अधिक है। उम्मीद है कि आने वाले तीन महीनों में इससे कहीं अधिक प्रकरणों को निपटारा कर लिया जाएगा।

                   वोरा ने बताया कि न्यायलयीन प्रक्रिया काफी जटिल और उबाऊ होती है । इसलिए हमने तहसील स्तर से लेकर कलेक्टर स्तर तक के न्यायालयों से कहा है कि प्रयास किया जाए कि आने वाले तीन महीनों में पक्षकारों को भली भांति संतुष्ट कर सहयोगात्मक रूख के साथ प्रकरणों का निपटारा किया जाए। देखने में आया है कि मामले जितने अधिक लंबित रहेंगे ऊर्जा और समय उतना ही खर्च होगा। लोगों में असंतोष पैदा होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में हम लोगों ने शिविर लगाने का भी मन बनाया है। उम्मीद है कि इन तमाम प्रयासों से बिलासपुर संभाग के पांचों जिले राजस्व मुक्त विवाद वाला हो जाएगा।

                   एक सवाल के जवाब में वोरा ने बताया कि हमने खादा बीज उत्सव अभियान चलाया है। जिसका हमें अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है। इस अभियान के जरिए हमने लक्ष्य रखा था कि मानसून के पहले ज्यादा से ज्यादा खाद और बीज का संग्रहण किया जाए। ताकि जब किसानों को इनकी जरूरत पड़े उन्हें मिल जाए। हमने इसके लिए डबल लाक सिस्टम की व्यवस्था भी की है। देखने में आया है कि इस बार ना केवल बीज और खाद का उठाया अधिक हुआ बल्कि खाद बीज उत्सव अभियान से भंडारण में भी किसी प्रकार की कमी नहीं आयी है।  वोरा ने बताया कि हमने खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए लगभग पांच लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा था। जिसे हम जल्द ही पूरा कर लेंगे।

                  प्राक़तिक आपदा की तैयारियों को लेकर सोनमणि वोरा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा को लेकर हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। अधिकारियों को संसाधनों को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश पहले ही दे दिए गये हैं। निचली बस्तियों मे पानी का भराव न हो इसके लिए उन स्थानों को चिन्हांकित कर लिया गया है। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए वोट आदी की व्यवस्था भी हो चुकी है। साथ ही निगम को भी निर्देशत किया गया है कि नाली पानी बिजली की व्यवस्था में मानसून आगमन के साथ किसी प्रकार की कठिनाई ना हो इसके लिए संबधित विभागों को निर्देशित कर दिया गया है। वोरा ने बताया कि यदुनंदननगर जैसे क्षेत्र को डूब से बचाने के लिए दीर्घ कालीन योजना की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जल्द ही बिलासा ताल में वाई फाई की सुविधा आम लोगों को दिया जाएगा।

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