मेरा बिलासपुर

रामटेके को जांच समिति की हरी झण्डी..कांग्रेस में जश्न

bu 6बिलासपुर—छात्र संघ चुनाव विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने एबीव्हीपी के पुनर्गणना की मांग को नकारते हुए ज्ञानेश्वर रामटेके को जीत पर मुहर लगा दिया है। तीन सदस्यीय जांच टीम ने शुक्रवार की शाम को अपना रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंप दिया था। आज बंद लिफाफा दोनों प्रत्याशियों के सामने खोला गया। रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया को सही बताते हुए ज्ञानेश्वर रामटेके की जीत को वैध माना गया है।

                   तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट को आज कुलपति डॉ.गौरीदत्त शर्मा ने प्रत्याशियों के सामने खोला। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि जांजगीर जांपा में विश्वविद्यालय अध्यक्ष चुनाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गयी है। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के दौरान तेज बारिश और तूफान के चलते करीब एक घंटे तक बिजली गायब रही। बावजूद इसके चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिकायत नहीं है। इसके चलते चुनाव प्रक्रिया में देरी हुई। जिसे आधार बनाकर एबीव्हीपी ने कुलपति से रिकाउन्टिंग की मांग की थी।

             कुल सचिव अरूण सिंह ने बताया कि बिजली गुल होने के चलते जांजगीर से विश्वविद्यालय तक पहुंचने मत पेटी पहुंचने में घंटो देरी हुई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जहां व्हाइटनर का प्रयोग किया गया है। मिलान करने पर मालूम हुआ कि व्हाइटनर के बाद जो मत संख्या लिखे गये थे वह सही हैं। साथ ही अन्य छोटी बड़ी बातों को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ज्ञानेश्वर रामटेके को 105 के मुकबले 111 वोट मिले हैं। इसलिए रिकाउन्टिंग का सवाल ही नहीं उठता है।

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                     रिपोर्ट को आधार मानते हुए बिलासपुर विश्वविद्यालय कुलपति डॉ.गौरीदत्त शर्मा ने एनसएसयूई प्रत्याशी ज्ञानेश्वर रामटेके को विजेता घोषित किया है।

                   मालूम हो कि चुनाव घोषणा के बाद विश्विद्यालय कुलपति पर एबीव्हीपी ने दबाव बनाते हुए पुनर्रगणना की मांग की थी। कुलपति ने लिखित आश्वासन में पुनर्गणना का आदेश दिया था। दूसरे दिन एनएसयूआई और कांग्रेस कमेटी ने दिन भर जमकर हंगामा किया। कुलपति और कुलसचिव का घेराव कर रामटेके को सर्टिफिकेट देने का दबाव बनाया।

         कांग्रेस दबाव में कुलपति ने ज्ञानेश्वर रामटेके को सर्टिफिकेट देने के साथ एक जांच समिति का गठन किया। जांच समिति की रिपोर्ट को आधार मानते हुए कुलपति ने आज रिकाउन्टिग को खारिज करते हुए ज्ञानेश्वर को बिलासपुर विश्वविद्यालय का अध्यक्ष घोषित किया है।

             कुलपति की घोषणा के बाद एनएसयूआई और कांग्रेस ने खुशी जाहिर की है।

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