रेत माफियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई.. कोयला चोर सपड़ाया..ट्रक छोड़कर भागा ड्रायवर..दो लाख की पेनाल्टी

बिलासपुर— खनिज और पुलिस विभाग अलग अलग और संयुक्त धरपकड़ कार्रवाई से रेत और कोल माफियों में हड़कम्प है। खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी से अप्रैल तक 108 अवैध परिवहन करते गाड़ियों को पकड़ा गया है। रिकार्ड तोड़ चालानी कार्रवाई की गयी है। अकेल जून महीने में 54 वाहनों पर पेनाल्टी लगाया गया है।

                जिला खनिज कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जून महीने में कुल 54 वाहनों के खिलाफ अवैध परिवहन करते कार्रवाई की गयी है। कार्रवाई को खनिज और पुलिस प्रशासन ने अलग अलग और संयुक्त रूप से अंजाम दिया है। कार्रवाई के दौरान ज्यादातर मामले रेत के अवैध परिवहन का है। जबकि चूना पत्थर और कोयला का एक-एक मामला है।

                                 जून में खनिज विभाग में 47 रेत परिवहन करने वाले वाहनों को चार्ज किया है। कुल दो लाख आठ हजार रूपए की पेनाल्टी वसूली हुई है। जबकि 26 मामले अभी तक पेन्डिंग है। यह मामले पुलिस कार्रवाई के दौरान विशेष अभियान के तहत सामने आए है।

              खनिज विभाग के अनुसार अप्रैल तक अवैध परिवहन करने वाले कुल दर्ज प्रकरणों की संख्या 108 हैं। कुल आठ लाख 44 हजार की वसूली हुई है।

कोयला हाइवा छोड़कर फरार..बन्द डिपो में मिली गाड़ी

         खनिज विभाग के अनुसार तीन दिन पहले विशेष धर पकड़ अभियान के तहत विभाग की टीम ने बिल्हा मोड़ के आस पास अटर्रा गांव स्थित बन्द डिपो से कोयला भरा ट्रक को जब्त किया है। देर रात हुई कार्रवाई में टीम को देखते ही ट्रक चालक फरार हो गया। खनिज अधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जिस स्थान से कोयले से भरे ट्रक को कोयला लादते पकड़ा गया ..दरअसल उस डिपो को पहले से ही बन्द कर दिया गया है। शिकायत के बाद कार्रवाई के दौरान बन्द कोयला डिपो में देर रात ट्रक में कोयला भरते पाया गया। 

                             कोयला ट्रक पर 2 लाख 19 हजार रूपए का पेनाल्टी लगाया गया है। यदि पेनाल्टी नहीं पटाया गया तो फर्म का लायसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

खींच कर लाया गया ट्रक

           खनिज अधिकारी के अनुसार कोयला ट्रक को हाइवे के ड्रायवर के सहयोग से खींचकर हिर्री थाना लाया या। बहरहाल विभागीय कार्रवाई के साथ चालानी कार्रवाई को पूरा कर लिया गया है। फर्म  को 2 लाख 19 हजार 700 रूपए की पेनाल्टी का भुगतान करना होगा।

कोयला माफिया की भूमिका

                 सूत्रों की माने तो कोयला का अवैध परिवहन किसी अमित ओबेराय के इशारे पर किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि फर्म अमित ओबेराय के मुंशी के नाम पर रजिस्टर्ड है। अमित ओबेराय का कई जिलो में कोयला का अवैध कारोबार चल रहा है। बिलासपुर में उसकी सक्रियता लम्बे समय बनी हुई है।

                  जानकारी के अनुसार कोयला माफिया परदे के पीछे रहकर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहा है।

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