सिमस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार मृतक मनोज शर्मा पिता तिलक राम शर्मा बहतराई आरा मिल संचालक की किड़नी खराब हो गई थी। उसे टीवी की बिमारी भी थी। परिजनो ने उपचार के लिए अपोलो में उपचार करवाया। डॉक्टरो से जवाब मिलने पर संजय शर्मा और बड़ी बहन सरोज शर्मा ने मनोज को सिम्स टीवी वार्ड में 16 जून को दाखिल कराया।
18 जून को सिम्स में बड़ी बहन सरोज मनोज के साथ थी। इसी बीच मनोज कुछ देर में आने की बात कह नेहरूनगर स्थित मंझली बहन सरिता तिवारी के घर चला गया। दोपहर खाना खाने के बाद शाम को हॉस्पिटल के लिए निकला लेकिन सिम्स नही पहुंचा। सिम्स में बड़ी बहन सरोज परेशान हो उसकी तलाश करने लगी। इसी बीच मनोज का भाई संजय शर्मा भी सिम्स पहुंच गया। लेकिन मनोज का कोई अता पता नहीं चला।
संजय और सरोज ड़ॉक्टरो को सूचना देकर घर चले गये। 18 जून की रात 11.15 बजे मनोज गोड़पारा के साई मंदीर के पास नशे की हालत में बेहोश पड़ा मिला। कुछ लोगों ने उसे सिम्स दाखिल कराया। रात को सिम्स के आपात कालीन कक्ष में तैनात स्टाफ ने उसका नाम विनोद पिता तीरथराम ग्राम बिरकोना थाना कोनी के नाम से पता ठीकाना दर्ज किया। रात को साढ़े तीन बजे मनोज की मौत हो गई।
सिम्स से मिले मेमो के आधार पर सिम्स चौकी ने कोनी थाने को पत्र व्यवहार कर मृतक के परिजनो को सूचना देने की बात कही। कोनी थाना प्रभारी ने लिखित में बताया कि क्षेत्र में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है। सिम्स चौकी प्रभारी योगेश गुप्ता ने मृतक की शिनाख्त करने 20 जून को बिरकोना के तुलसी राम यादव और शिव यादव बुलाया। दोनों ने पहचानने से इंकार कर दिया।
खोज खबर के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का कफन दफन करने का निर्णय लिया। इसी बीच अशोक यादव ने बताया कि सरकंड़ा बहतराई के शर्मा परिवार से मनोज कुछ दिनो पहले सिम्स से लापता हो गया था। जानकारी के बाद चौकी प्रभारी ने संजय शर्मा और राजेश शर्मा को सिम्स के मरच्यूरी बुलाया। संजय ने बताया कि लाश मनोज शर्मा की है।
सिम्स के आपात कालीन कक्ष में गलत नाम और पता लिखने की वजह से मनोज की पहचान नहीं हो पा रही थी। पहले भी सिम्स में इस प्रकार का मामला सामने आ चुका है। उस्लापुर निवासी एक व्यक्ति की निपनिया में जहर सेवन से मौत हो गयी थी। सिम्स के आपातकालीन कक्ष में तैनात स्टाफ ने गलत जानकारी दर्ज कर दिया। जिसके चलते परिजन और पुलिस को भारी परेशानियो का सामना करना पड़ा था।