लिपिक नेता रोहित की सांसद से शिकायत..कहा..तानाशाही पर लगाएं रोक…कर्मचारियों के समर्थन में उतरे कांग्रेसी

बिलासपुर—अस्त व्यस्त पंडाल के नीचे शासकीय लिपिक वर्ग कर्मारियों ने पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल किया। हमेशा की तरह कर्मचारियों ने सरकार से वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को दोहराया। संघ नेता रोहित तिवारी ने बताया कि हम सरकार की तानाशाही झेलने को तैयार है। लेकिन बिना मांग पूरी हुए काम पर लौटने वाले नहीं है। महामंत्री रोहित ने जानकारी दी कि राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में लिपिक कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी है। सभी को देर शाम छोड़ दिया गया है। रिहा किए गए सभी कर्मचारी दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन कर गिरफ्तारी देंगे।

                             चारसूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए लिपिक कर्मचारियों ने प्रदेश के कई जिलों में धरना प्रदर्शन के बाद गिरफ्तारी दी है। थाने से छूटने के बाद लिपिकों ने बताया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया रोज चलेगी। संघ के महामंत्री रोहित ने बताया कि बिलासपुर में भी लिपिक साथियों ने जिला प्रशासन पर दबाव बनाकर रखा है। काम काज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। यद्यपि आश्वासन की बातें सामने आ रही है। लेकिन हम मांग पूरी होने पर ही धरना स्थल छोड़ेंगे।

  सांसद से मुलाकात और स्थान की मांग

          रोहित तिवारी ने बताया कि आज हम लोग सांसद से मिले। लखनलाल साहू से बताया कि लोकतंत्र में सबको विचार अभिव्यक्ति की आजादी है। बावजूद इसके जिला प्रसासन दमनकारी नीति से बाज नहीं आ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने नेहरू चौक पर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर प्रशासन पर धावा बोला है। उनके खिलाफ एसडीएम ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। लिपिकों को धारा 144 की धमकी देकर नेहरू चौक से खदेड़ दिया गया। बाद में ग्रीन गार्डन से लिपिकों के पंडाल को पुलिस ने उखाड़ फेंका। जबकि हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारों की मांग कर रहे है।

                              रोहित के अनुसार सांसद लखनलाल साहू ने तत्काल एसडीएम को फोन कर मामले की जानकारी ली। साथ ही एसडीएम को बताया कि लिपिकों को ग्रीन गार्डन मेैदान के एक कोने में पंडाल लगाने की इजाजत दी जाए।

कांग्रेसियों ने किया आंदोलन का समर्थन

         रोहित तिवारी ने बताया कि कांग्रेस ने अनिश्चितकालीन हड़ताल और लिपिकों की मांग का समर्थन किया है। अटल श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव महेश दुबे,अभय नारायण राय, पूर्व महापौर राजेश पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम शेख नजीरुद्दीन समेत दर्जनों नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर वेतन विसंगति दूर करने की मांग को दुहराया।

                  अटल समेत कमबोबेश सभी नेताओं ने लिपिकों के मंच से कहा कि लोकतंत्र में सभी के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन को किसी का संवैधानिक अधिकारों को छीनने का अधिकार नहीं है। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि देश और प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। कर्मचारी अपना आंदोलन भी नहीं कर सकते । टेंट जप्त किया जा रहा है। कांग्रेस जिला प्रशासन के हिटलरशाही की निन्दा करती है। कर्मचारीयों के मांगों का समर्थन करती है। अगर आंदोलन को दबाने या कुचलने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतर प्रदर्शन करेगी। टेंट उखाड़ने को लेकर जिलाधीश से मिलकर विरोध किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *