लिपिक नेता रोहित ने कहा..डर गया जिला प्रशासन…उतारा पंडाल पर गुस्सा ..मांग पूरी होने पर ही हटेंगे पीछे

बिलासपुर– अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए लिपिकों के पंडाल को पुलिस प्रशासन ने उखाड़ फेंका है। रोहित तिवारी ने बताया कि शासन लिपिकों की एकता से घबरा गयी है। अब हड़ताल को खत्म करने पुलिस प्रशासन का सहारा लिया जा रहा है। जिला प्रशासन की पंडाल हटाओं कार्रवाई से लिपिक अनिश्चितकालीन हड़ताल से पीछे हटने वाले नहीं हैं। लिपिक महामंत्री ने कहा की प्रशासन की झल्लाहट से जाहिर हो गया है कि हड़ताल सफलता की तरफ है।
                          अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए लिपिकों के हड़ताल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। मुंगेली नाका स्थित ग्रीन गार्डन मैदान में लिपिकों के हड़ताल को प्रशासन ने उखाड़ फेंका है। संघ के नेता महामंत्री रोहित तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन लिपिकों की हड़ताल से परेशान हो गया है। कितनी भी कार्रवाई हो बिना मांग पूरी हुए लिपिक धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
   छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश व्यापक हड़ताल के दूसरे दिन बिलासपुर जिला प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई कर पंडला को उखाड़ दिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद भी लिपिकों ने धरना स्थल नहीं छो़ड़ा। रोहित तिवारी ने बताया कि हड़ताल में शामिल सभी लिपिक शासकीय अवकाश पर हैं। हम लोग संवैधानिक दायरे में रखकर अधिकार मांग रहे हैं। बावजूद इसके लिपिकों जिला प्रशासन बेवजह परेशान कर रहा है।
     बिना किसी पूर्व सूचना के एसडीएम ने पुलिस का सहारा लेकर पंडाल को उखाड़ा है। इससे जाहिर होता है कि जिला प्रशासन लिपिकों की हड़ताल से डर चुका है। शनिवार को एसडीएम देवेन्द्र पटेल के निर्देश पर तहसीलदार पुलिस को लेकर धरना स्थल पहुंच पंडाल को उखाड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष सुनील यादव और साथियों ने धरना अनुमति की पावती को भी पेश किया। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने मानने से ना केवल इंकार किया। बल्कि पंडाल हटाना शुकू कर दिया। लेकिन बिलासपुर के लीपिको ने धरना स्थल से हटने को इंकार कर दिया।
    संघ प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने बताया कि  पुलिस कार्रवाई के समय हड़ताली लिपिको का हौसाल बढ़ाने रायपुर में था। मैने टीम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना पंडाल के हड़ताल जारी रखें। रोहित तिवारी ने मीडिया को बताया कि पुलिस कार्यवाही से जाहिर हो रहा है कि हमारी हड़ताल की सफलता से जिला प्रशासन डर चुका है। ऐसी कार्यवाही पूर्व में भी हो चुकी हैं।  बिलासपुर के लिपिको ने सफल हड़ताल कर प्रशासन को माक़ूल जवाब दिया है।।
           तिवारी ने बताया की बिलासपुर जिला प्रशासन ने हड़ताली धरना स्थल अभी तक तय नहीं किया है। हड़ताल हमारा लोक तांत्रिक अधिकार है और लिपिक हर हाल मॆ अपनी जायज मांगो के लिए डटे रहेंगे। जिला प्रशासन धरना स्थल तय करे। संगठन को सूचित करे कि हम कहां बैठकर अपने अधिकारों की मांग करें।

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