लोहण्डीगुंडा जांच ठंडे बस्ते के हवाले–मंगलवार को आएगी नई रिपोर्ट..

IMG-20150807-WA0004बिलासपुर—- सुन्दरलाल शर्मा विश्वविद्यालय बिलासपुर कुलपति ने दो सदस्यी जांच कमेटी की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। नई टीम लोहण्डीगुड़ा परीक्षा केन्द्र में गड़बड़ी की नए सिरे से जांच करेगी। मालूम हो कि दो सदस्यीय जांच टीम के एक सदस्य ने मीडिया में बयान दिया है कि शांति कश्यप मेरी बेटी जैसी है। इसी को आधार मानते हुए और मीडिया के दबाव में कुलपति डॉ.वंश गोपाल सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर मंगलवार तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

                     लोहण्डीगुड़ा में शांति कश्यप मामले में आज देर शाम दो सदस्यी जांच समिति ने रिपोर्ट कुलपति वंश गोपाल सिंह को सौंप दिया। लिफाफे से रिपोर्ट बाहर निकला इसके पहले एक नाटकीय घटनाक्रम में कुलपति ने मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय नई जांच टीम का गठन किया है। टीम में डॉ.सुरेन्द्र मोहन क्षेत्रिय समन्वयक रायपुर, डॉ.एम.डी.त्रिपाठी परीक्षा प्रभारी बिलासपुर और राजकुमार क्षेत्रिय समन्वयक अंबिकापुर को शामिल किया गया है। कमेटी मंगलवार को रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।

                 जगदलपुर के लोहण्डीगुड़ा में शांति कश्यप की जगह किसी दूसरी महिला ने एम.ए.अंग्रेजी का पेपर दिया था। चार अगस्त को मीड़िया को देखकर एक महिला परीक्षा भवन भाग ख़ड़ी हुई। मालूम हुआ कि शांति कश्यप पति केदार कश्यप की जगह कोई दूसरी महिला परीक्षा दे रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुन्दरलाल शर्मा कुलपति ने तत्काल दो सदस्यी जांच कमेटी का गठन किया। क्मेटी में एच.एन.दुबे क्षेत्रिय समन्वक दुर्ग और बी.ए.मिश्रा समन्वयक परीक्षा प्रभारी को शामिल किया गया। आज दो सदस्यीय टीम ने शाम सात बजे अपना लिखित रिपोर्ट सौंपा। रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले ही दम तोड़ दिया।

               मीडिया से चर्चा के दौरान मीडिया में दो सदस्यी जांच समिति टीम के एक सदस्य बी.ए.मिश्रा ने केदार कश्यप से मुलाकात के बाद मीडिया को बयान दिया है कि शांति कश्यप मेरी बेटी की तरह है। आज जब इस बयान को पत्रकारों ने कुलपति के सामने रखा जांच समिति की रिपोर्ट को दरकिनार कर कमेटी को भंग करते हुए नई कमेटी बना दी। उन्होने बताया कि लोगों में गलतफहमी जाए इससे बेहतर है कि तीन सदस्यीय जांच समिति मामले को नए सिरे से देखे।मंगलवार को रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा।

            इसके पहले रिपोर्ट को लेकर मीडिया और कुलपति के बीच जमकर चर्चा हुई। कुलपति ने किसी भी सवाल का जवाब सीधे-सीधे नहीं दिया। उन्होंने हर बार गोलमोल गोलमोल ही जवाब दिया। उन्होंने साफ-साफ नहीं बताया कि क्या शांति कश्यप पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई होगी। एक सवाल के जवाब में कुलपति ने कहा कि नामांकन और रोल नम्बर शांति कश्यप पति केदार कश्यप के नाम दर्ज है। उन्होंने स्वीकार किया कि जो महिला भागी वह शांति कश्यप नहीं है। उसी ने चारो पेपर दिये हैं। इसमें शांति कश्यप भी दोषी हैं। लेकिन उनके खिलाफ परीक्षा भवन से भागी हुई महिला के बयान के बाद ही कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

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