विचाराधीन कैदी की मौत– लीपा पोती कर रहे अधिकारी

1/18/2001 7:49 PMबिलासपुर—- बिलासपुर सेन्ट्रल जेल का विचाराधीन कैदी की आज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि अजय कुशवाह की मौत जेल में मारपीट के कारण हुई है। अधिकारियों के अनुसार अजय की मौत स्वास्थ्य होने के कारण हुई है। खून की उल्टी होने के बाद  उसे सिम्स अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया।

                      सेन्ट्रल जेल में आज एक विचाराधीन कैदी की मौत हो गयी। तालापारा निवासी अजय कुशवाह को 15 दिन पहले मोटर सायकल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल लम्बरदार और अन्य कैदियों ने किसी बात को लेकर उसे जमकर पीटा। जिसके कारण उसके नाक और मुंह खून निकलने लगा। स्थिति को गंभीर होते देख जेल प्रबंधन ने इलाज के लिए सिम्स भेज दिया। जहां आज उसकी मौत हो गयी।  अजय कुशवाहा उत्तरप्रदेश के उरई का रहने वाला है। जो तालापारा में रहकर गुपचुप बेचने का काम करता था।

                       परिजनों ने आरोप लगाया कि अजय कुशवाहा जब जेल गया तो पूरी तरह से स्वस्थ्य था। कल देर रात कैदियों और लम्बरदारों ने उसे जमकर पीटा। उसके गर्दन में रस्सी के कुछ निशान भी मिले हैं। आंख पर गहरी चोटी भी हैं। परिजनों ने बताया कि नाक के अलावा कान से भी खून निकला है।

                          एक तरफ जहां परिजन जेल प्रशासन की व्यवस्था पर अजय की मौत पर उंगली उठाते हुए जेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी नरेन्द्र बंजारे का कहना है कि अजय की मौत खून की उल्टी करने से हुई है। उसे किसी कैदी या लम्बदारों ने मारा है।

                  बहरहाल आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है। लेकिन जेल प्रशासन मौन है। पहले भी जेल की अव्यवस्था को लेकर शिकायतें आती रही हैं। कई बार तो जेल निरीक्षण के बाद आला अधिकारियों ने भी जेल व्यवस्था को लेकर अधीक्षक को फटकारा  भी है। बावजूद इसके जेल प्रबंधन में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ।

                   फिलहाल अजय कुशवाहा के शव को सिम्स मरच्युरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही उसके परिजनों को भी सूचित कर दिया है।

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