विधि विभाग नेताओं ने कहा..क्यों कर रहे बच्चों से खिलवाड़..राष्ट्रपति से लगाई गुहार

कोरिया—-अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश कोरिया जिला विधि प्रकोष्ठ के नेताओं ने प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम सितम्बर में प्रस्तावित जेईई और एनईईटी परीक्षा को लेकर विरोध पत्र दिया। इस दौरान कांग्रेस विधि विभाग प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह और प्रदेश संयुक्त सचिव राजेंद्र तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार कोरोना काल में देश के छात्र-छात्राओं के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान है।
 
               कांग्रेस नेता राष्ट्रीय स्तर पर सितम्बर महीने में प्रस्तावित  jee & Neet की परीक्षा को लेकर आज पूरे देश में विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने कोरोना काल में परीक्षा को लेकर बढ़ाए जाने की मांग की है। कोरिया में जिला प्रशासन को कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम दिए पत्र में बताया कि देश में Jee की परीक्षा लगभग 232 शहरों के 660 केंद्रों में होगी। परीक्षा में करीब 8.58 लाख और Neet के लिए 3843 केंद्रों में 15.97 लाख छात्र-छात्राओं ने पंजीयर कराया है।
 
          कांग्रेस नेता रमेश सिंह और रविन्द्र तिवारी ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण देश में परिवहन व्यवस्था ठप है। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। देश के कई प्रदेश बाढ़ के गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। परीक्षा होने की स्थिति में सभी छात्र- छात्राओं और अभिभावकों को परीक्षा केंद्र तक आवागमन समेत लाजिंग और बोर्डिंग की परेशानियों से जूझना पड़ेगा।साथ ही इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि एक भी पाजीटिव पूरे छात्रों को संक्रमित हो कर सकता है। इसके बाद प्रबंधन के साथ ही छात्र छात्राओं को भारी परेशानी से गुजरना पड़ेगा।
 
             कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संकट की घड़ी में कांग्रेस पार्टी छात्र और छात्राओं के साथ खड़ी है। हम राष्ट्रपति महोदय से निवेदन कर रहे हैं कि देश और छात्रहित में मामले में हस्तक्षेप कर  jee और Neet की परीक्षा को स्थगित किया जाए। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते समय वरिष्ठ अधिवक्ता विजय मिश्रा अधिवक्ता अनीस अंसारी  अधिवक्ता अभिमन्यु वाले अधिवक्ता सूरजभान सिंह अधिवक्ता कैलाश विश्वकर्मा अधिवक्ता प्रहलाद श्रीवास्तव अधिवक्ता अशोक राजवाड़े अधिवक्ता मनीष सोनी अधिवक्ता यार शायरजवाड़े और अन्य अधिवक्ता गण मौजूद थे।

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