मेरा बिलासपुर

विप्र समाज का अनोखा विरोध…कलेक्टर कार्यालय के सामने फेंका जूता

IMG-20151029-WA0007 बिलासपुर— बिलासपुर के विप्र समाज ने आज जूता रैली निकालकर अनोखे रूप से विरोध प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी की मौत से नाराज विप्र समाज ने बिल्हा दंडाधिकारी अर्जुन सिंह सिसोदिया के खिलाफ हाथ में जूता लेकर नेहरू चौक से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान  जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हजारों की संख्या में रैली में शामिल विप्र समाज के लोगों ने एसडीएम को जेल भेजने की मांग की है। विप्र समाज के अनोखे आंदोलन को कांग्रेस संगठन ने भी अपना समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल हुए।

                                  राजेन्द्र तिवारी की मौत से नाराज विप्र समाज ने आज हजारों की संख्या में हाथ में जूता लेकर नेहरू चौक से रैली की शक्ल में कलेक्टर कार्यालय पहंचे। इसके पहले नेहरू चौक पर वरिष्ठों ने सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। सभी ने राजेन्द्र तिवारी के मौत के लिए अर्जुन सिसोदियां को जिम्मेदार ठहराते हुए गिरफ्तार कर बर्खास्त करने की मांग की है।

                                               नेहरू चौक पर भाषणवाजी के बाद कांग्रेस के साथ विप्र समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन और अर्जुन सिसोदिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं समेत सभी विप्र समाज के युवा और जिम्मेदार लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन और सरकार अर्जुन सिसोदिया को बचाने का प्रयास कर रही हैं। हम लोगों ने अभी तक अपील दलील और वकील का बहुत सहारा ले लिया। इसलिए उनके स्वाभिमान को जगाने के लिए जूता रैली निकालकर अपना आक्रोश जाहिर किया है। IMG-20151029-WA0006

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                          कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सिसोदियां की काली करतूत काफी लंबी है। इसे बताने के लिए लम्बा समय चाहिए। कई बार कर्मचारियों ने सिसोदिया की शिकायत की बावजूद इसके कोई परिणाम नहीं निकला। कुछ दिन पहले ही एक सामान्य प्रतिबंधात्मक मामले में एक दलित ने जमानत नहीं मिलने पर जेल में दम तोड़ दिया। उससे अर्जुन सिसोदिया ने पचास हजार रूपए जमानत के लिए मांगे था।

          रैली में शामिल कांग्रेस संगठन और विप्र समाज ने अंत में कलेक्टर कार्यालय के सामने जूता का ढेर इकठ्ठा कर जिला प्रशासन को जमकर कोशा। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतवानी भी दी।

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