मेरा बिलासपुर

विवाद में उलझा बीयू छात्र संघ का चुनाव

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बिलासपुर । बिलासपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर गुरूवार को भी हंगामे को दौर जारी रहा। बुधवार को हुए चुनाव में एनएसयूआई समर्थित ज्ञानेश्वरर रामटेके की जीत की खबर आई थी। लेकिन एव्हीवीपी के दबाव में रात करीब दो बजे वि.वि. प्रशासन री-काउंटिग कराने राजी हो गया था। गुरूवार को एनएसयूआई समर्थकों ने धरना देकर विजयी उम्मीदवार ज्ञानेश्वर रामटेके को सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम में वि.वि. प्रशासन की ओर से कोई अधिकारिक जवाब नहीं मिल पा रहा है।

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जैसा कि मालूम है कि बुवार को बीयू के छात्रसंघ चुनाव कराए गए थे। आलम यह था कि वि.वि. को 217 वोट की गिनती करने में सात- आठ घंटे लग गए। हालांकि बुधवार की शाम को ही चुनाव में एनएसयूआई की जीत के संकेत मिलने लग गए थे। आखिर रात करीब आठ बजे यह साफ हो सका कि चुनाव में एनएसयूआई समर्थित ज्ञानेश्वर रामटेके ने एव्हीवीपी समर्थित सौरभ सराफ को सात वोट से पराजित कर दिया है। लेकिन कहानी यहीं पर खत्म नहीं हुई और रात में री- काउंटिंग की मांग को लेकर एव्हीवीपी वालों ने वि.वि. पर दबाव बनाया । नतीजतन रात करीब दो बजे फैसला किया गया कि गुरूवार को फिर से वोट गिने जाएंगे।

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बीयू के इस फैसले के फिलाफ एनएसयूआई के लोग गोलबंद हुए और कैम्पस में जमावड़ा लग गया। कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव, विजय केशरवानी, राजेश पाण्डे, चीका बाजपेयी,स्वपनिल शुक्ला,गोविंद सेठी, बबला खान, महेश दुबे, महेन्द्र गंगोत्री आदि बड़ी संख्या में लोगों ने पहले कुलसचिव और फिर कुलपति के चैम्बर में धरना देकर री-काउंटिंग का पुरजोर विरोध किया। साथ ही इस बात को लेकर लम्बी बहस चली कि ज्ञानेश्वर रामटेके को प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। उन्हे वि.वि. प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं मिल पाया। एनएसयूआई के लोगों ने खुले तौर पर कहा कि यह सत्ता के दबाव में किया जा रहा है।

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खबर लिखे जाने तक वि.वि. प्रशासन री-काउंटिंग के फैसले पर कायम है। जानकारी मिली है कि दोपहर बाद तीन बजे री-काउंटिग की जाएगी। इस विवाद को देखते हुए बीयू कैम्पस में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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