विवि बेरोजगार पैदा करने का स्थान..जोगी

IMG_20151013_142724बिलासपुर— भारी अव्यवस्था के बीच आज विलासपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह मनाया गया। आडिटोरियम हाल में बैठने की व्यवस्था नहीं होने के चलते कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता अतिथि मंच पर दिखाई दिये। नव निर्वाचित विश्वविद्यालय छात्र संघ  पदाधिकारियों को कुलपति ने शपथ दिलाया। इस दौरान मंचस्थ अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने माता सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्जवलित किया।

             बिलासपुर विश्वविद्यालय छात्र संगठन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने आज शपथ लिया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और आमंत्रित विशिष्ट वक्ता विष्णु देव शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष ज्ञानेश्वर रामटेके,उपाध्यक्ष अजय कुमार कंवर,सचिव विजय कुमार कोशले और सह-सचिव शालिनी जयसिंहानी ने संबोधित किया।

                   उपस्थित लोगों को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गौरीदत्त शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने स्थापना काल से लगातार प्रगति कर रहा है। यहां सेमेस्टर सिस्टम को लागू किया गया है। इस सिस्टम से छात्रों के व्यक्तितत्व और अध्ययन में निखार आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ ऐसे विषय का यहां अध्यापन कार्य चल रहा है जो इस समय प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय में नहीं है। गौरी दत्त शर्मा ने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए रोजगारन्मुख शिक्षा की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने अपने स्थापना के अल्प काल में ही नई ऊचाइँयों को छुआ है। छात्र संगठन के सहयोग से यह अभियान निरंतर चलता ही रहेगा।

               कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली से आमंत्रित मुख्य वक्ता विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि छात्र चुनाव लोकतंत्र की दिशा में चल गया पहला कदम है। उन्होंने कहा कि छात्र संगठन को हमेशा राजनीति के चश्मे से देखा जाता है। जो सही नहीं है। शर्मा ने कहा अच्छा छात्र नेता ही अच्छा प्रशासनिक अधिकारी और अच्छा समाज का सेवक होता है। छात्र संगठनों के बीच मतभेद होना लोकतंत्र के लिए सुखद संकेत हैं। लेकिन मनभेद किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। शर्मा ने बताया कि भारतीय ज्ञान के सामने पूरा विश्व नतमस्तक है। नासा से लेकर जापान तक। यूनेस्कों से लेकर सिंगापुर तक हर जगह भारत की मेंधा काम कर रही है। हमें छात्र संगठन चुनाव के बहाने हमेशा याद रखना है कि राजनीति की पहली सीढ़ी का जीवन में बहुत महत्व है। यही वह प्लेटफार्म है जहां से स्वस्थ्य लोकतंत्र की परंपरा को आगे बढ़ाना है।

IMG_20151013_154945             इस मौके पर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने ठेठ छत्तीसगढ़ी में भाषण दिया। जोगी ने छात्रों को बूस्ट अप करने के लिए इतिहास की कई प्रेरक प्रसंगों को छात्रों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि वाटर लू युद्ध में नेपोलियन की हार का मुख्य कारण ड्यूक आफ बेलिंगटन की सूझबूझ भरी नीति रही है। ड्यूक ने युद्ध जीतने के बाद बताया कि स्कूल और विश्वविद्यालय या दैनिक जीवन के अनुभवों ने नेपोलियन बोनापार्ट को हराने में मदद किया।

               वर्तमान शिक्षा पद्धति पर चुटकी लेते हुए अजीत जोगी ने कहा कि विश्वविद्यालय बेरोजगार पैदा करने वाली मशीन बन चुका है। कागज के टुकड़ों पर फर्स्ट क्लास के अंक हासिल करने से कुछ नहीं होता है। शिक्षा को रोजागारोन्मुख बनाना जरूरी है। परंपरागत शिक्षा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। आऊटसोर्सिंग मुद्दे पर उन्होंने कहा कि शर्म आती है कि हमारे यहां गणित,विज्ञान,अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। सोचने वाली बात है कि ऐसी शिक्षा प्रणाली को बनाए रखने में किसको फायदा होने वाला है। स्थानीय लोग ऐसे ही बेरोजगार रहेंगे। बाहरी लोग हमारी नौकरियां हड़पते रहेंगे।

             अजीत जोगी ने अपने जीवन को सबके सामने रखते हुए कहा कि मैने एक ही जीवन में इंजीनियर,वकील,प्राध्यापक,आईपीएस,आईएएस, राज्यसभा, लोकसभा,विधानसभा और मुख्यमंत्री पद हासिल किया है। मैं एक छोटे से गांव से आता हूं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में मेरा नार गड़ा है।

           जोगी ने बताया कि अंग्रेजी लिंक भाषा है। इसका ज्ञान बहुत जरूरी है। मैं जब भोपाल में पढ़ाई कर रहा था तो कई बार अंग्रेजी ज्ञान की कमी को लेकर हताश भी हुआ। आत्महत्या की भी बात मेरे मन में आयी। उन्होंने कहा कि सिर्फ थोड़े से प्रयास से अंग्रेजी का ज्ञान भी हासिल हो गया। जोगी ने बताया कि यूएनओ में इसी अंग्रेजी ज्ञान के कारण अटल,शरद पवार, नरसिंहराव के रहते हुए स्पीच देने का अवसर मिला।

             जोगी ने विष्णु दत्त शर्मा के भाषण के बाद कहा कि मै ना तो पूर्व हूं..ना ही भूत हूं…मैं प्रथम हूं…यही बनकर रहना भी चाहता हूं। जोगी के भाषण के दौरान जमकर तालियां बजी..भाषण के अंत में जोगी ने निराला की सरस्वती वंदना का पाठकर छात्रों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर उन्होंने अल्लामा इकबाल की दो शेर को भी उपस्थित लोगों के सामने रखा।

             कार्यक्रम में निकाय मंत्री अमर अग्रवाल को भी शामिल होना था लेकिन पारिवारिक कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। स्वागत कार्यक्रम में एबीव्हीपी और एनएसयूआई के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस मौके पर निश्चित तौर पर विष्णुदत्त के गले में कुछ ज्यादा ही माले पहनाए गये। कार्यक्रम में एबीव्हीपी और एनएसयूआई नेताओं के अलावा कांग्रेस और भाजपा के नेता शामिल हुए।

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