मेरा बिलासपुर

विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन.. विधायक ने किया संबोधित..बताया.. महादान से मिलती है नई जिन्दगी

बिलासपुर—-शनिवार को विश्व रक्तदाता दिवस पर लगातार 7 वी बार संस्कारधानी में विशाल रक्तदान शिविर का प्रारंभ किया गया। रक्तदान शिविर में युवा समेत शहर की तमाम सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया। रक्तदान कर दूसरों की जिन्दगी बचाने का संकल्प लिया।
 
                लायंस क्लब भवन में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। लगातार सातवे साल भी रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। युवाओं समेत जिले की तमाम सामाजिक संस्थाओं ने रक्तदान शिविर में भाग लिया । बैंकर्स क्लब ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया। लोगों ने उत्साह के साथ रक्त दान किया।
 
              लायंस भवन में आयोजित कार्यक्रम में बैंकर्स क्लब बिलासपुर, लायंस क्लब, रोटरी क्लब रॉयल, अराइस टेलेंट, विश्व हिंदू परिषद – बजरंग दल , हैंड्स ग्रुप, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, फ़ाउंडेशन क्रिकेट अकादमी, छत्तीसगढ़ एजुकेशन फोरम,  इनडोर गेम्स अकादमी, जी टी बी कॉलेज, टीचर्स हु इंस्पायर, गुरुकुल, एरीना एनीमेशन, बिलासपुर ऑमीगोस राउंड टेबल और पिनाकल डिजाइन अकादमी ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन एकता ब्लड बैंक के सहयोग से किया गया।
 
           लायंस क्लब भवन में सुबह 10 बजे से  प्रारंभ शिविर का समापन शाम 4 बजे हुआ। इस दौरान 67 रक्तदाताओं ने महादान किया। नगर विधायक शैलेष पांडेय, बैंकर्स क्लब संयोजक ललित अग्रवाल, एरीना एनिमेशन के संदीप गुप्ता,  अराइस टेलेंट, कोटा राजस्थान के डायरेक्टर अभीषेक गौतम ने संयुक्त रूप से शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। 
 
           शिविर के समापन के समय  बैंकर्स क्लब समन्वयक ललित अग्रवाल, संयुक्त आयोजन समिति के संदीप गुप्ता ने एकता ब्लड बैंक और सभी आयोजको, रक्तदाताओं के प्रति धन्यवाद जाहिर किया।
 
         ललित अग्रवाल और संदीप गुप्ता ने रक्तदान के फायदे बताए। बैंकर्स क्लब समन्वयक ललित और संदीप ने बताया कि ब्लड का उत्पादन नहीं किया जा सकता और न ही इसका कोई विकल्प है। लेकिन ब्लड दान से किसी की जिन्दगी बच सकती है। देश में हर साल लगभग 250 सीसी की 4 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। सिर्फ 5,00,000 यूनिट ब्लड ही मुहैया हो पाता है। हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा खून होता है। 25 प्रतिशत से अधिक लोगों को जीवन में खून की जरूरत पड़ती है। शरीर के लिए रक्तदान बहुत ही लाभदायक है। 
 
        संदीप और ललित ने बताया कि ब्लड डोनेशन से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। डॉक्टर्स का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है। पतला खून हृदय के लिए अच्छा होता है। एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर और दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है। क्योंकि रक्तदान से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाता है। ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है।  शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है।
 
             ब्लड डोनेशन सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। 18 साल से अधिक उम्र के स्त्री-पुरुष, जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो, वर्ष में तीन-चार बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं।
 
                      

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