मेरा बिलासपुर

विशेष सुरक्षा में रहेंगे वनराज

IMG-20150703-WA0006बिलासपुर— भिलाई स्थित मैत्री बाग की घटना से सीख लेते हुए कानन प्रशासन ने वन्यप्राणियों को विषैल सर्प से बचाव के लिए जमकर सफाई अभियान चला रहा है। जानवरों के बाड़ों के आस पास घास की कटाई और ब्लिचिंग पावडर का छिड़काव किया जा रहा है। वन्य प्राणियों के नाइट इनक्लोजर की सफाई सोडियम हाइपोक्लोराइड से विशेष रूप से की जा रही है।

                       हाल में मैत्री बाग भिलाई में विषैल सर्फ के काटने से एक मादा बाघिन की मौत हो गई थी। कानन प्रशासन ने एतिहात के तौर लायन,टाइगर और तेन्दुआ समेत विभिन्न वन्य प्राणियों के केज को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। कानन प्रशासन ने बताया कि लायन टाइगर और तेन्दुआ की सुरक्षा और रात्रि विश्राम के लिए केज में पाटा विशेष ऊचाई पर रखा गया है। पाटा पर सर्प नहीं चढ़ सकता है। यदि केज के अन्दर सर्प आ भी जाए तो वह पाटा के नीचे ही रहेगा।

                         कानन पेन्डारी रेन्जर टी.आर.जायसवाल ने बताया कि केज में रोज हाइपो क्लोराइट रसायन का छिड़काव किया जा रहा है। इसकी खुश्बू से विषैले सर्प मकड़ी और बिच्छु केज के अन्दर नहीं आएंगे। केज के बाहर सर्प पीट भी बनाया गया है। जिसे सांप पार नहीं कर सकता है। सर्प पिट और केज के बीच पोटेशियम परमैंगनेट और फिनाइल युक्त फूट मैट बिछाया गया है। इसकी खुश्बू सांपो को पसंद नहीं है।

               जायसवाल ने बताया कि विशेष तौर पर मैत्री बाग की घटना के बाद हर साल की तरह इस बार भी जीवों की विशेष निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों को समय समय पर ब्लीचिंग पावडर छिड़काव करने का आदेश दिया गया है।

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जीवों को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता

       कानन पेन्डारी के प्रत्येक जीव हमारी पूंजी हैं। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी पहली प्राथमिकता है। जीवों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो रही है। खासतौर मैत्री बाग की घटना के बाद कानन प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जीवों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाये जाये। लायन,टाइगर,तेन्दुआ ही नहीं बल्कि सभी जीवों के केजों को सुरक्षा घेरे में लिया जाए।

                                      सत्यप्रकाश मसीह…मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर

सुरक्षा के लिए रासायनिक प्रयास

   खरपतवार हटाने के अलावा केज के भीतर और बाहर रासायनिक तत्वों का छिड़काव किया जा रहा है। लगातार काम हो रहा है। शेर तेन्दुआ अपना भोजन पाटा पर करते हैं। पाटा जमीन से लगभग पांच इंच ऊपर है। सांप वहां तक पहुंच नहीं सकता है। इसके अलावा क्लोराइड और परमैंगनेट का छिड़काव किया गया है। इसकी सुंगध सांपों के लिए अरूचिकर है। केज के चारो तरफ सर्प पिट का घेरा बनाया गया है। जिसे सांप पार नहीं कर सकते हैं।

                                            टी.आर.जायसवाल..रेंजर,कानन पेण्डारी,बिलासपुर

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