मेरा बिलासपुर

नदी किनारे से उठी विरोध में आवाज.. विधायक से कहा..साबरमती की तरह बसाया जाए..नहीं जाएंगे दूसरी जगह

बिलासपुर—अरपा तट पर नजूल की जमीन पर काबिज लोगों ने विधायक कार्यालय पहुंचकर विस्थापन का विरोध किया है। अरपा तट वासियों ने बताया कि हम लोग 150 साल से नदी के किनारे झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं। बाद में स्वर्गीय इंदिरा गांधी,स्वर्गीय अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में स्थायी पट्टा दिया गया। हम लोगों ने मेहनत कर घर बनाया अब अरपा नदी के विकास का बहाना बनाकर विस्थापित करने की साजिश की जा रही है। यदि ऐसा किया गया तो गरीबों की रीढ़ टूट जाएगी।

           गोंडपारा क्षेत्र में अरपा तट निवासी सफाई कामगारों ने विधायक कार्यालय पहुंचकर विस्थापन का विरोध किया है। सभी लोगों ने विधायक को बताया कि हम लोग पिछले 150 साल से नदी के किनारे निवास कर रहे है। सभी लोग सफाई का कामकाज करते हैं। विस्थापन का विरोध कर रहे विकास सिहोते ने बताया कि हमारी तीन पीढी अरपा तट पर रहती आ रही है। चुनाव के समय हमें आश्वासन दिया गया था कि किसी झुग्गी झोपड़ी वालें को विस्थापित नहीं किया जाएगा। अरपा किनारे सभी लोगों को झुग्गी झोपड़ी के स्थान पर पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा। अब जानकारी मिल रही है कि सड़क और नाली बनाने के साथ अरपा को विकसित करने हटाया जाएगा। जानकारी के बाद समाज के लोगों में डर पैदा हो गया है। कोरोना काल में बच्चों  बुजुर्गों को लेकर कहां जाएंगे।

             विकास सिहोते ने कहा कि नदी किनारे हम लोगों को स्वर्गीय इंदिरा गांधी,स्वर्गीय अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह ने स्थायी पट्टा दिया है। चुनाव के समय वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राहुल गांधी ने आश्वासन दिया था कि जहां झोपड़ी है वहीं पक्का मकान दिया जाएगा। लेकिन अखबारों  में खबर छप रही है कि मकानों को तोड़कर यहां से पुस्तैनी लोगों को हटाया जाएगा।

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                विकास सिहोते समेत सभी लोगों ने विधायक मांग करते हुए कहा कि हम लोगों को भी साबरमती नदी की तर्ज पर अरपा तट पर बसाया जाए। जैसे कि रायपुर में कटोरा तालाब के चारो तरफ गरीबों को मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाकर बसाया गया है। इससे अरपा  विकास में बाधा नहीं आएगी। और हम लोगों को भी आशियाना मिल जाएगा।

              कामगारों ने बताया कि हम लोग निगम में साफ सफाई का काम करते हैं। जब तब रात दिन सफाई ठेकेदार हमें सफाई के लिए बुलाता है। यदि यहां से हटाया गया तो परेशानी बढ़ जाएगी। यहां हम लोग शहर के बीच रहकर परिवार के साथ सुरक्षित महसूस कर रहे है। यदि कहीं विस्थापित कर बसाया जाता है तो परेशानी बढ़ जाएगी। हम लोगों को अरपा तट पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाकर मकान आबंटित किया जाए। 

 शासन के संज्ञान में लाएंगे

                  नगर विधायक शैलेष पाण्डेय ने बताया कि अरपा तट पर रहने वालों की परेशानी को सुना। उनकी मांग और शिकायत को शासन के सामने रखेंगे। यह सच है कि अरपा का विकास किया जाएगा। दोनों तरफ नाली और सड़कें बनायी जाएँगी। गंदा पानी नाली के सहारे नदी के समानान्तर ट्रीटप्लान्ट तक भेजा जाएगा।

               विधायक ने बताया कि शासन ने आश्वासन दिया है कि विस्थापित लोगों को बेहतर सर्वसुविधायुक्त आवास दिया जाएगा। अच्छी सोसायटी होगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। शासन ने यह भी एलान किया है कि परिवार के सदस्यों और बेटे के नाम पर भी जरूरत के अनुसार मकान का अलाट किया जाएगा। बावजूद सबकी भावनाओं को समझ रहा हूं। इसलिए उनकी बातों और शिकायतों को शासन के सामने पेश करूंगा। 

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