शाला कोष बंद करने की मांग तेज,चिप्स की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

रायपुर।छत्तीसगढ़ में टैबलेट विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई अन्य स्कूलों में भी अश्लील फोटो आने की शिकायतें शुरू हो गई है। ये क्यो हो रहा है कैसे हो रहा है। इस कोई कुछ कहने को तैैयार नही है। प्रदेश के कुछ जिलों के ब्लॉक में अधिकारियों ने टैबलेट के उपयोग पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है।नवीन शिक्षाकर्मी संघ की प्रदेश महिला अध्यक्ष गंगा पासी ने बताया कि शाला कोष टैबलेट में अश्लील फोटो आना शर्मसार करने का विषय है।उन्होंने बताया कल्पना कीजिए कि किसी शिक्षक के अटेंडेन्स के लिए अंगूठा लगाते हुए शाला कोष टैबलेट में अश्लील फोटो आई हुई होगी। तो उनके साथ क्या बीती होगी। क्योंकि शाला कोष में अटेंडेंस सब एक साथ ही लगाते हैं जिसमें महिला पुरुष दोनों शिक्षक होते हैं।

गंगा पासी बताया की चिप्स की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं इस विषय पर संज्ञान लेवे और शाला कोष टैबलेट पर विचार करें और दोषियो पर कड़ी कार्यवाही करें।क्योंकि यह प्रदेश की महिला शिक्षकों के मान सम्मान का विषय है। उम्मीद है कि यह योजना बंद कर दी जाएगी।

टैबलेट के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पंचायत नगरी निकाय मोर्चा के संचालक चंद्रदेव राय ने बताया कि सरकार को टैबलेट तत्काल बंद कर देना चाहिए। शालाकोश टैबलेट शिक्षकों के लिए अब सहज नहीं रहा खासकर महिला शिक्षाकर्मीयो को तो रोजाना दिन में दो बार डराता है। कही कोई अप्रिय स्थिति न हो जाये। शिक्षक अब टैबलेट उपयोग करने से डरने लगे कहीं अंगूठा लगाते ही कोई अश्लील तस्वीर ना आ जाए।

चंद्र देव राय ने सवाल उठाते हुए बताया कि चिप्स का सॉफ्टवेयर अब भरोसे के लायक नहीं रहा उन्होंने इसके डाटा पर भी सवाल उठाए हैं।उन्होंने बताया की जल्दीबाजी में बिना प्रयोग किए शाला कोष टैबलेट छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों को थमा दिया गया है। सरकार शाला कोष योजना को पूर्ण रूप से बंद करें। यह शिक्षकों के मान सम्मान का विषय बन गया है।

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