मेरा बिलासपुर

शिक्षक बन गया सिरदर्द..ग्रामीणों ने कहा..जल्दी हटाएं..वरना हो जाएगा कुछ गलत

बिलासपुर— तखतपुर विकासखण्ड के गांव हरदी निवासियों ने कलेक्टर कार्यालय को बताया कि पंचायत शिक्षक ने जीना मुश्किल कर दिया है। मास्टरी कम राजनीति ज्यादा कर रहा है। पंच सरपंच और ग्रामीणों को अंगूठे की नीचे रखता है। मनरेगा काम में भी टांग अड़ाता है। जिसके चलते ना तो गांव का विकास ही हो रहा है। और नाही ग्रामीण कुछ कहने की स्थिति में है। बेहतर होगा कि गांव के हित को ध्य़ान में रखते हुए मास्टर का कहीं दूसरी स्कूल में स्थानांतरण किया जाए।   

               सैकड़ों की संख्या में हरदी गांव के लोग कलेक्टर कार्यालय मास्टर की शिकायत लेकर पहुंचे। जिला प्रशासन को गांव के लोगों ने बताया कि रमाकांत कौशिक प्राथमिक पाठशाला देवतरा में पंचायत शिक्षक है। आए दिन राजनीति कर गांव वासियों को पंच सरपंच के खिलाफ भड़काता है। बात बात पर देख लेने और कोर्ट कचहरी की धमकी देता है। जिसके चलते पंच सरपंच और ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। इसके चलते हमारा गांव विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गया है।

             गांव वालों ने बताया कि रमाकांत कौशिक पत्नी पहले गांव की सरपंच रह चुकी है। इस बार रमाकांश कौशिक उपसरपंच के लिए मधु कौशिक को सामने किया। लेकिन चुनाव में वह हार गयी। इसके बाद मास्टर कौशिक ने सरपंच को अपने पाले में कर पंचों को आए दिन देख लेने  की धमकी देता है। 

                गांव में मनरेगा का काम नहीं चलने देता। यदि काम शुरू भी हो जाए तो रमाकांत कौशिक बात बात पर आपत्ती जाहिर करता है। इसके चलते लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गयी है। तकनीकि सहायक से सरपंच के माध्यम से शिकायत कराता है। मामला बिगड़ने पर माफी मांगता है। इसके बाद फिर अपनी आदतों से बाज नहीं आता।

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                ग्रामीणों ने बताया कि हम चाहते हैं कि मास्टर रमाकांत का कही दूसरी जगह स्थानांतरण कर दिया जाए। या पिर राजनीति करना है तो उसे सेवा से बहाल कर दिया जाए। ताकी गांव का विकास तो समुचित तरीके से हो सके।

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