शिक्षाकर्मियों के एक और संगठन ने मूल्यांकन बहिष्कार से किया किनारा,बनाफर बोले-हम बहिष्कार के साथ नहीं

रायपुर।शिक्षाकर्मियों के एक और संगठन पंचायत / नगरीय निकाय सहायक शिक्षक कल्याण संघ ने भी बोर्ड मूल्यांकन में हिस्सा लेने का फैसला किया है। संगठन ने मोर्चा की ओर से मूल्यांकन के बहिष्कार का विरोध किया है।संघ के प्रांताध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह बनाफर ले कहा कि   पूर्व मे मोर्चा के लोगो के द्वारा छात्र हित व शासन के संवेदनशील होने के कारण हड़ताल रात मे वापस ले लिया गया था। आज उन्ही के द्वारा पुन: हड़ताल स्वरूप मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की बात केवल राजनीति करना है। हमने पूर्व मे हड़ताल मे पूरी तरह तालाबंदी मे साथ दिया था। लेकिन हड़ताल नाटकीय ढ़ंग से खत्म हो गई और आज पुन: हड़ताल करने की बात केवल दिखावा है  । बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य मे हम शासन के साथ है । हमारा संघ मूल्यांकन बहिष्कार का विरोध करता है। हमारा संघ व साथ ही समस्त आम सहायक शिक्षक पंचायत जरूरत पड़ने पर अपनी योग्यता अनुसार शासन को मूल्यांकन कार्य हेतु साथ देने तैयार है। उन्होने कहा कि हमारे संघ के द्वारा सीएस की बैठक मे अपनी मांग रख दी गई है । उम्मीद करते है कि सीएम हमारे मांगो पर जल्द ही सकारात्मक व उचित निर्णय लेंगे।

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पं./ न.नि. सहायक शिक्षक कल्याण संघ के द्वारा मोर्चा के  अनिश्चितकालीन हड़ताल का बाहर से समर्थन किया गया था । जिसके वजह से पूरे छत्तीसगढ़ के लगभग 1 लाख 20 हजार संख्या वाले सहायक शिक्षक पंचायत हड़ताल मे भाग लिये थे और हड़ताल को सफल बनाया था। लेकिन मोर्चा के लोगो के द्वारा छात्र हित व शासन के संवेदनशील होने के कारण हड़ताल आधी रात मे वापस ले लिया गया था। शासन से उन्हे ऐसा कौन सा संजीवनी मिल गया जो रात 1 बजे हड़ताल वापस हो गया और आज वही मोर्चा वाले आम शिक्षक पंचायत संवर्ग के साथियो के बीच उनका पुन: हितैषी बनने का राग अलाप रहे है। आज उन्ही के द्वारा पुन: हड़ताल स्वरूप मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की बात केवल राजनीति करना है।
ये बात अब किसी से नही छुपा है कि आने वाले कुछ माह मे छत्तीसगढ़ मे चुनाव है,शिक्षाकर्मी का बड़ा तबका हमेशा से सरकार के लिये परेशानी बना हुआ है,,चुनावी वर्ष मे शिक्षाकर्मियो की मांग पूरा करना शासन की भी मजबूरी है,,देर से ही सही पर सीएम हमारे समस्त 1 लाख 80 हजार साथियो के पक्ष मे ठोस निर्णय लेने वाले है,जिसका जिक्र उन्होने हर बार किया है,,हमारी बहुप्रतीक्षित मांग पूरा होने वाला है यह सुनकर कुछ लोग हड़ताल का दिखावा करके श्रेय लेने की राजनीति करने आ गये है ।

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