शिक्षाकर्मियों पर सर्विस बुक के सत्यापन का दबावः केदार जैन ने कहा – शासन से ऐसा कोई निर्देश नहीं….

रायपुर । संविलयन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रदेश के शिक्षा कर्मियों को दस्तावेजों के मामले में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी सिलसिलें में शिकायत मिल रही है कि शिक्षा कर्मियों को  सर्विस बुक के सत्यापन के लिए कहा जा रहा है। जिससे शिक्षा कर्मियों को बेवजह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर प्रेस नोट जारी कर सयुंक्त शिक्षा कर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत आठ साल एवं आठ साल से अधिक सेवा दे चुके शिक्षक पंचायतों का शिक्षा विभाग में संविलियन 1 जुलाई से होना है।उन्होंने  बताया कि कतिपय ब्लाको एवं जिलों में स्थानीय अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजीकरण के नाम से बेवजह शिक्षा कर्मियों को परेशान किया जा रहा है। औऱ कतिपय खंड शिक्षा अधिकारियों के द्वारा शिक्षा कर्मियो का सेवा पुस्तिका का सत्यापन हेतु बाध्य किया जा रहा है।जबकि शिक्षा विभाग ने  ऐसा कोई निर्देश जारी नही किया है।
सयुंक्त शिक्षा कर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन बताया कि एक जुलाई से शिक्षा विभाग में संविलियन होने के बाद शिक्षा विभाग अवश्य महा लेखा कार कोष एवं लेखा कार्यालय से सत्यापन करवाएगा ।  जो संविलियन होने के बाद की कार्यवाही होगी।
    केदार जैन ने प्रदेश के शिक्षा कर्मियों से कहा है कि अभी किसी प्रकार से सेवा पुस्तिका का सत्यापन कराने की आवश्यक्ता नही है।उन्होंने  बताया कि शिक्षा कर्मियो की  सेवा पुस्तिका के संधारण की जबाबदारी पहले जिला पंचायत की थी  । बाद में इसे ब्लॉक स्तर के शिक्षा कार्यलयों को दे दी गई है। अब उन्होंने अगर सेवा पुस्तिका का संधारण नही किया है तो उसके वो आपनी योजना बना कर कार्य करेंगे ।  ये विभागीय कार्य है विभाग के पास सभी जानकारी रहती है।इसमें शिक्षा कर्मीयो को परेशान होने की जरूरत नही है। उन्होंने  बताया जो भी दस्तावेज विभाग की ओर से मांगे जा रहे है उन्हें निर्धारित समय मे जमा करें। अधिकारियों की ओर से गैर वाजिब दस्तावेजों पर संघ की नज़र है।

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