शिक्षाकर्मी संविलयन को लेकर अब भी तैर रहे कई सवाल…. संक्षेपिका मिलने के बाद तय होगी मोर्चा की रणनीति


रायपुर । कैबिनेट मीटिंग में छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों के संविलयन पर मुहर लगने के बाद शिक्षा कर्मी संगठन के नेताओँ की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जिसमें  इस बात पर सभी का जोर है कि 8 साल का बंधन समाप्त कर सभी शिक्षा कर्मियों का संविलयन किया जाना चाहिए । साथ ही वेतन विसंगतियों को भी दूर करने की मांग उठने लगी है। खबर यह भी है कि कैबिनेट मीटिंग की संक्षेपिका मिलने के बाद शिक्षक पंचायत / नगरीय निकाय मोर्चा बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार करेगा।मोर्चा के संचालक केदार जैन ने बताया कि मंत्रि परिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री निवास पर रात्रि 10 बजे शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर 23 साल पूर्व शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक ,उच्च श्रेणी शिक्षक,व्याख्याता के पदों को डाइंग कैडर कर पंचायत के माध्यम से शिक्षा कर्मियों की भर्ती की गई ,जिसे समाप्त करते हुये शिक्षा विभाग में संविलियन करने का मुहर मंत्रि परिषद में लगने पर आभार व्यक्त करने एवं व्याप्त विसंगतियों को दूर करने,आठ साल का बंधन समाप्त करने, क्रमोन्नत वेतन समेत विभिन्न मांगों का निराकरण करने आग्रह किया गया। उनसे आग्रह किया गया कि अतिशीघ्र मुख्य सचिव एवं सचिवो के साथ हमारी बैठक कराई जाय।
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मोर्चा ने कहा कि संविलियन के फैसले का हम स्वागत करते है ।इस फैसले के बाद प्रदेश में शिक्षा कर्मियों की भविष्य में भर्ती नहीं होगी बल्कि नियमित शिक्षक के पदों पर भर्ती होगी।साथ ही मांग की है  कि विसंगति रहित सभी का संविलियन किया जाय। केबिनेट बैठक की संक्षेपिका प्राप्त होने के बाद मोर्चा की बैठक  कर आगे की रणनीति तैयार की जायेगी।
मोर्चा संचालक विकास सिंह राजपूत ने कहा कि  राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद आठ वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग मे संविलियन 1 जुलाई 2018 से कर दिया जायेगा और समय समय पर आठ वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का चरणबद्ध ढंग से संविलियन किया जायेगा  । साथ ही समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन शिक्षा विभाग मे होने से शिक्षाकर्मी पद को समाप्त कर दिया जायेगा  । एक ऐतिहासिक निर्णय है  । लेकिन पुनः 2013 की समतुल्य वेतन की तरह आठ वर्ष का बन्धन लागू करने से समस्त शिक्षाकर्मियों के साथ छल भी हुआ है ।  क्योकि प्रदेश के मुख्यमंत्री  द्वारा अम्बिकापुर के बड़ी जनसभा मे विकास यात्रा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उपस्थिति मे शिक्षाकर्मियों के सेवा शर्त व सुविधा मे भारी अंतर है ।  इसलिए शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जायेगा की घोषणा को हम एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मी व परिवार को पूरी उंम्मीद थी की 2013 की तरह इस बार वर्ष बन्धन नही रहेगा ।  लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के बाद आठ वर्ष से नीचे वाले सभी शिक्षाकर्मी अपने आपको ठगा से महसूस कर रहे है ।
आठ वर्ष का बन्धन होने के कारण लगातार जो वेतन मे विसंगति है वो आगे भी जारी रहेगा  । जिससे आठ वर्ष के नीचे कार्यरत शिक्षाकर्मियों को तो भारी आर्थिक नुकसान है।  वहीं पर  आठ वर्ष से ऊपर कार्यरत शिक्षाकर्मियों को भी प्रतिमाह 6 से 7 हजार नुकसान है । वेतन विसंगति का मूल जड़ ही वर्ष बन्धन है ।  इसलिए नवीन शिक्षाकर्मी संघ वर्ष बन्धन का विरोध करते हुए शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के माध्यम से  मुख्यमंत्री  व समस्त मन्त्रिमण्डल के सदस्यो से जल्दी ही मुलाकात कर वर्ष बन्धन समाप्त करने की अपील करेंगे व वर्ष बन्धन समाप्त नही होने पर पुनः प्रदेश के शिक्षाकर्मियों के साथ मिलकर ज्ञापन,बातचीत व आंदोलन के माध्यम से वर्ष बन्धन समाप्त करवाने के लिए संघर्ष के मैदान मे उतरेंगे .
मोर्चा के प्रांतीय संचालक चन्द्रदेव राय ने कहा कि शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने जिस आशा भारी निगाह से केबीनेट बैठक का इन्तजार किया तथा  मुख्यमंत्री के द्वारा सभी के संविलियन की बात कह कर 8 वर्षबन्धन लादकर शिक्षा कर्मियों में भेद कर उनकी सेवा शर्त और वेतन मान में पुनः छल किया है। चन्द्रदेव राय ने आगे कहा संक्षेपिका का पूरा अध्यन कर लाभ हानि,गुण-दोष का अध्यन किया जाकर शीघ्र ही मोर्चा की बैठक बुलाकर गलत नीतियों का विरोध करने हेतु रणनीति बनाई जाएगी।
साथ ही प्रदेश के 1.80लाख शिक्षा कर्मियों को आश्वस्त किया कि उनके साथ अब अन्याय नही होने देंगे,अब समस्त शिक्षा कर्मोयों को सजग रहने की जरूरत है कि कही पुनः उनके साथ छल तो नही हो रही है।।ध्यान रहे शिक्षा कर्मी भुक्त भोगी हैं,ज्यादा खुशी मनाने की अभी जरूरत नही है,क्योंकि अभी जंग बाकी है।।।शीघ्र ही बैठक की सूचना आप सब तक पहुचाई जाएगी।

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