शिक्षा कर्मी संविलयन नया आदेशः प्रथम नियुक्ति के आधार पर होगी वरिष्ठता…. वेतनवृद्धि के साथ मिलेगा सातवां वेतनमान

रायपुर।  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में संविलियन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को नया आदेश जारी किया है ।  जिसमें सभी पंचायत और स्थानीय निकायों को संविलियन के दौरान सेवाकाल की गणना  ,अतिशेष शिक्षकों की स्थिति , स्थानांतरण के लंबित मामले और सातवें वेतनमान के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया है ।  इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षाकर्मियों के सेवाकाल की गणना निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से की जाएगी  । साथ ही उन्हें वेतन वृद्धि देते हुए सातवें वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा  ।

जैसा कि मालूम है की शिक्षाकर्मियों के संविलियन की प्रक्रिया चल रही है ।  इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश भी जारी हो रहे हैं ।  इसके बावजूद पंचायत और जिला ब्लाक स्तर पर कई तरह कंफ्यूजन की स्थिति है  . जिसे लेकर शिक्षाकर्मी संगठन के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है ।  समझा जा रहा है कि इस तरह की स्थिति सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक नया आदेश जारी कर कंफ्यूजन को दूर कर मार्गदर्शन के तौर पर एक दिशा निर्देश जारी किया है  । जिसमें प्रमुख बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है ।

इस आदेश के मुताबिक निम्न पद से उच्च पद पर कार्यरत शिक्षक पंचायत नगरी निकाय संवर्ग के सेवाकाल की गणना के संबंध में कहा गया है कि विभाग द्वारा एनओसी प्राप्त कर निम्न पद से उच्च पद पर पदस्थ शिक्षक (  पंचायत नगरी निकाय )  संवर्ग के सेवाकाल की गणना  निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण दिनांक से की जाएगी  । जिनके  एनओसी के आवेदन कार्यालय में लंबित है उन्हें एनओसी प्रदान किया जाना मानकर सेवा काल की गणना निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण दिनांक से की जाएगी  । जो कर्मचारी एनओसी प्राप्त करने के बाद ग्रामीण निकाय से नगरी निकाय अथवा नगरी निकाय से ग्रामीण निकायों में निम्न पद से उच्च पद पर नियुक्त हुए हैं  । उनके सेवाकाल की गणना उच्च पद पर कार्यभार ग्रहण दिनांक से की जाएगी  । शाला में पदस्थ अतिशेष शिक्षक पंचायत के समायोजन के लंबित मामलों के निराकरण के संबंध में कहा गया है कि यह भविष्य में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा ।  शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों के आपसी सहमति से स्थानांतरण के लंबित प्रकरण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया है कि इसमें भी भविष्य में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा  ।

इसी तरह पात्रता धारी समस्त शिक्षक पंचायत जिनका संविलियन 1 जुलाई 2018 से किया जा रहा है उन्हें दिनांक 1-7-2018  से वेतन वृद्धि देते हुए सातवें वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा ।  इस संबंध में निर्देश है कि जिनकी 1 जुलाई 2018 को वेतन वृद्धि है उन्हें वेतनमान पर वेतन वृद्धि पात्रता है ।  इसके अनुसार वेतन निर्धारण किया जाएगा  । वर्तमान में एजु पोर्टल से 30 जून को देय  वेतनमान के आधार पर एलपीसी तैयार की जा रही है और सातवें वेतनमान पर वेतन निर्धारण कर माह जुलाई का वेतन समय पर प्रदान किया जाना है  । ऐसी स्थिति में आगामी माह में पात्र कर्मचारियों को छठवें वेतनमान में 1 जुलाई 2018 की वेतन वृद्धि जोड़कर सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारण कर वेतन प्रदान किया जाएगा ।  अप्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग का संविलियन एवं वेतन के  लाभ  के संबंध में कहा गया है कि अप्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग का संविलियन किया जाएगा  । शिक्षक पंचायत नगरी निकाय संवर्ग की वरिष्ठता के संबंध में कहा गया है कि वरिष्ठता के निर्धारण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश का पालन किया जाएगा ।  अंतर्गत आने वाले शिक्षकों के संविलियन के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि 8 वर्ष की सेवाकाल पूर्ण होने की स्थिति में संविलियन किया जाएगा  । विभागीय जाँच के मामलों में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय जांच की कार्यवाही की जाएगी  ।  जिसमें प्रस्तुतकर्ता अधिकारी संबंधित पंचायत नगरी निकाय से होगा एवं जांचकर्ता अधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त किए जाएंगे ।

व्याख्याता को राजपत्र में लिए जाने के संबंध में भी स्पष्ट किया गया है कि व्याख्याता  ( एल बी  ) के पद को राज्य पत्रित द्वितीय श्रेणी घोषित किए जाने हेतु राजपत्र में प्रकाशन करना होगा ।  जिसमें प्रक्रियात्मक समय लगना संभव है ।  व्याख्याता पंचायत नगरी निकाय तृतीय श्रेणी कर्मचारी हैं इसके अनुसार ही व्याख्याता ( एल बी )  का वर्तमान में वेतन देयक तैयार किया जाएगा ।  जिसका भविष्य में राज्य पत्र प्रकाशन उपरांत यथोचित श्रेणी में वेतन निर्धारण किया जा कर समायोजन कर लिया जाएगा ।  लंबित सीपीएस के निराकरण के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि 30 सितंबर के पहले शिक्षक पंचायत नगरी निकाय संवर्ग के लंबित सीपीएस का निराकरण डीटीओ द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाना है  । इस संबंध में संचालक कोष लेखा एवं पेंशन से निश्चित दिशा निर्देश प्राप्त कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरी प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा पृथक से निर्देश जारी किए जाएंगे । स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी की ओर से जारी इस तरह के आदेश की प्रति छत्तीसगढ़ के सभी जिला /  जनपद पंचायत के सीईओ सभी निगम आयुक्त और नगर पालिका नगर पंचायत सीएमओ और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है ।

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  1. By Deva

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