शिक्षा कर्मी संविलयन: निम्न पद से उच्च पद पर नियुक्त हुए शिक्षा कर्मियों को भी मिलेगा पुनरीक्षित वेतनमान

रायपुर। ऐसे शिक्षा कर्मी, जो निम्न पद से उच्च पद पर नियुक्त हुए हैं उनकी निम्न पद पर सेवा की अवधि को जोड़ते हुए 8 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर पुनरीक्षित वेतनमान की पात्रता होगी । इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विभाग ने प्रदेश के सभी जिला और जनपद पंचायत के सीईओ को एक आदेश भेजा है.आदेश में कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय के प्रकरण क्रमांक WPS 2530/ 2017 एवं अन्य विभिन्न प्रकरणों में पारित आदेश दिनांक 28.11.2017 में पारित निर्णय अनुसार ऐसे शिक्षक पंचायत संवर्ग जिन्होंने निम्न पद पर पदस्थ रहते हुए अपने नियोक्ता से सहमति अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना शिक्षक पंचायत संवर्ग के उच्च पद की नियुक्ति हेतु प्रक्रिया में शामिल होकर उच्च पद पर नियुक्त हुए हैं उन्हें भी उनकी निम्न पद पर कार्य अवधि को जोड़ते हुए 8 वर्ष की सेवा अवधि के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ हेतु पात्रता होगी कृपया माननीय उच्च न्यायालय के विभिन्न विषय अंकित प्रकरणों में पारित आदेश दिनांक 28.11.2017 का तत्काल पालन किया जाए इस संबंध में ध्यान रखा जाए कि उक्त आदेश के 28 1117 का तत्काल पालन किया जाए इस संबंध में ध्यान रखा जाए कि उक्त आदेश विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में DB में प्रशासन की ओर से अपील याचिका प्रस्तुत की गई है जिसका प्रकरण क्रमांक 314 बटा 218 है अतः संबंधित पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश में अनिवार्य रुप से अंकित किया जाए कि यह आदेश माननीय उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण क्रमांक डब्लू ए 314/ 2018 में पारित अध्यधीन रहेगा।

निम्न से उच्च पद में गए शिक्षा कर्मियों को राहत किन्तु स्थिति अभी भी अधर में?
शिक्षक संवर्ग के नेता प्रदीप पांडेय ने बताया कि वर्तमान में जारी आदेश की माने तो अब सभी शिक्षक जिन्होने निम्न पद पर रहते हुए अनुमति लेकर अथवा बिना अनुमति के उच्च पद पर गए हैं उन सभी को पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ वर्तमान में दिया जाएगा किन्तु मामला अभी भी उच्च न्यायालय के DB बेंच निर्णय पर टिका हुआ है माननीय उच्च न्यायालय के DB बेंच का जो भी निर्णय होगा वह निम्न पद से उच्च पद पर गए शिक्षक संवर्ग पर लागू होगा।जानकरों की माने तो निम्न पद से उच्चपद में गए शिक्षा कर्मीयो के लिए ये अधर की स्थिति है। अगर उच्च न्यायलय का फैसला शिक्षा कर्मियों के हक में नही आया तो पुनरीक्षित वेतन मान वापस करने की स्थिति बन सकती है और मूल पद में जाना भी पड़ सकता है।

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